लखनऊ, 23 जनवरी 2026: यूपी की राजधानी में एक बार फिर शराब ने दोस्ती को खून से रंग दिया। गुरुवार रात कुछ दोस्तों ने शराब की पार्टी की, लेकिन छोटी-सी बात पर इतना बड़ा विवाद हो गया कि सुबह एक युवक की लाश नहर की पटरी पर पड़ी मिली। हत्यारों ने बेरहमी से ईंट से सिर कुचलकर हत्या की और शव को वहीं छोड़कर फरार हो गए। पुलिस अब मामले की गहराई से तहकीकात कर रही है।
घटना का पूरा ब्यौरा
घटना नगराम थाना क्षेत्र के गुलाल खेड़ा गांव के पास शारदा नहर (हैदरगढ़ शाखा) की बाईं पटरी पर हुई। मृतक की पहचान ओमप्रकाश (22 वर्ष) के रूप में हुई, जो इसी गांव का निवासी था। पुलिस के मुताबिक, गुरुवार शाम/रात ओमप्रकाश अपने कुछ साथियों के साथ बैठकर शराब पी रहा था।
पीने के दौरान किसी छोटी-मोटी बात पर बहस छिड़ गई हो सकता है पैसे, पुरानी रंजिश या शराब की बोतल को लेकर। विवाद इतना बढ़ गया कि दोस्तों ने ही हाथापाई शुरू कर दी। आरोप है कि विवाद के दौरान हत्यारों ने ईंट या भारी चीज से ओमप्रकाश के सिर पर वार किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को नहर की पटरी पर फेंक दिया और मौके से भाग निकले। रात भर किसी को खबर नहीं हुई, लेकिन शुक्रवार सुबह स्थानीय लोगों ने पटरी पर पड़ा शव देखा तो हड़कंप मच गया। भीड़ जुट गई, सूचना मिलते ही नगराम पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मौके पर फोरेंसिक टीम बुलाई गई, सबूत जुटाए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में हत्या की पुष्टि हो गई है सिर पर गंभीर चोटें, खून के धब्बे और आसपास की स्थिति से साफ है कि यह हादसा नहीं, सुनियोजित हत्या है।
पुलिस ने बताया कि शराब पीने के बाद हुआ विवाद मुख्य वजह लग रही है। मृतक के साथियों से पूछताछ की जा रही है, कुछ लोगों को हिरासत में लिया जा सकता है। आसपास के CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन और गवाहों के बयानों से जांच आगे बढ़ रही है। अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई, लेकिन पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी पकड़े जाएंगे।
परिजनों का गुस्सा और इलाके में दहशत
ओमप्रकाश के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजन रो-रोकर बता रहे हैं कि बेटा शाम को दोस्तों के साथ गया था, रात को वापस नहीं लौटा। सुबह खबर मिली तो सदमा लग गया। गांव वालों में डर है कि दोस्ती के नाम पर ऐसे खूनी झगड़े कब तक चलते रहेंगे?
शराब की लत और छोटी-छोटी बातों पर हिंसा ये राजधानी की बढ़ती समस्या बन गई है। स्थानीय लोग कह रहे हैं कि पुलिस को ऐसे मामलों में सख्ती बरतनी चाहिए, ताकि दोस्तों की महफिलें खूनखराबे में न बदलें।




