क्या अपर्णा यादव और प्रतीक यादव के रिश्ते में वाकई सब कुछ खत्म होने की कगार पर था? क्या तलाक की चर्चाएं सच थीं? बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर यही सवाल सबसे ज्यादा पूछे जा रहे थे। वजह बनीं वे पोस्ट, जिनमें अलगाव और तलाक जैसे संकेत नजर आए और देखते ही देखते मामला चर्चा के केंद्र में आ गया।
दरअसल, विवाद तब सामने आया जब प्रतीक यादव की ओर से सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे पोस्ट किए गए, जिन्हें रिश्ते में तनाव से जोड़कर देखा गया। इन पोस्ट्स के वायरल होते ही कयासों का दौर शुरू हो गया। कोई इसे निजी मामला बता रहा था, तो कोई इसे सार्वजनिक ड्रामा कहकर देख रहा था। सोशल मीडिया पर बहस तेज होती चली गई।
इसी बीच मुलायम सिंह यादव परिवार की छोटी बहू और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव से जुड़ा एक और घटनाक्रम सामने आया। बसंत पंचमी के अवसर पर वह हरिद्वार पहुंचीं, जहां यूपी सिंचाई विभाग के वीआईपी घाट पर गंगा स्नान के दौरान कुछ पत्रकारों ने उनसे कथित पारिवारिक विवाद को लेकर सवाल पूछे।
इस दौरान अपर्णा यादव नाराज नजर आईं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्नान के समय उनकी तस्वीरें ली जा रही हैं। मामला बढ़ने पर सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें छाते की आड़ में वहां से बाहर निकाला। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिससे विवाद और गहरा गया।
चर्चा यहीं नहीं रुकी। इस बीच समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रविदास मेहरोत्रा ने भी इस मामले पर टिप्पणी की। हमारी संवाददाता जया सिंह से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि अपर्णा यादव और प्रतीक यादव के बीच तनाव कोई नया नहीं था और यह काफी समय से चला आ रहा था।
यानि जो मामला पहले निजी दायरे तक सीमित माना जा रहा था, वह अब सार्वजनिक बहस और राजनीतिक चर्चा का विषय बन चुका था। लेकिन इसी बीच कहानी ने अचानक नया मोड़ ले लिया।
28 जनवरी की दोपहर प्रतीक यादव ने इंस्टाग्राम पर अपर्णा यादव के साथ एक तस्वीर साझा की। फोटो के कैप्शन में लिखा गया— “सब अच्छा है।” इतना ही नहीं, इससे पहले किए गए तलाक से जुड़े सभी पोस्ट भी हटा दिए गए। साथ ही उन्होंने एक मोटिवेशनल लाइन भी जोड़ी, जिसमें निजी और पेशेवर समस्याओं से उबरने की बात कही गई।
इस पोस्ट के सामने आते ही तमाम अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया। माना जा रहा है कि बातचीत के जरिए दोनों के बीच स्थिति संभल गई है। रिश्तों में उतार-चढ़ाव आते हैं, लेकिन आपसी समझ से समाधान निकल आए तो यही बेहतर होता है।
फिलहाल तस्वीर यही संकेत देती है कि हालात सामान्य हैं। आगे सब कुछ कैसा रहेगा, यह वक्त बताएगा, लेकिन अभी के लिए संदेश साफ है— “सब अच्छा है।”




