लखनऊ के हजरतगंज थाने पहुंचीं लोक गायिका नेहा सिंह राठौर, बयान दर्ज नहीं; FIR को लेकर सोशल मीडिया पर तेज बहस

लखनऊ के हजरतगंज थाने के बाहर पति के साथ खड़ी लोक गायिका नेहा सिंह राठौर, FIR मामले के सिलसिले में पहुंची हुईं।

लोक गायिका नेहा सिंह राठौर एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। पहलगाम हमले को लेकर उनके सोशल मीडिया पोस्ट के बाद दर्ज एफआईआर के सिलसिले में वह बीती रात लखनऊ के हजरतगंज थाने पहुंचीं। हालांकि, देर रात थाने पहुंचने के बावजूद उनका बयान दर्ज नहीं किया जा सका।
हजरतगंज थाने के बाहर की कुछ तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। इन तस्वीरों में नेहा सिंह राठौर अपने पति के साथ नजर आ रही हैं। वह मुस्कुराते हुए अपने समर्थकों की ओर हाथ हिलाकर अभिवादन करती दिखीं। इन दृश्यों ने उनके समर्थकों के बीच भावनाओं को और तेज कर दिया है।
दरअसल, पहलगाम आतंकी हमले के बाद नेहा सिंह राठौर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट साझा की थी। इस पोस्ट में उन्होंने हमले और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की थी। पुलिस और कुछ अन्य लोगों ने इस पोस्ट को संवेदनशील बताते हुए आपत्तिजनक माना, जिसके बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
एफआईआर की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई। नेहा के समर्थक इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं आलोचकों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में जिम्मेदारी के साथ प्रतिक्रिया दी जानी चाहिए। कई यूजर्स सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं।
फिलहाल, नेहा सिंह राठौर का बयान दर्ज होना बाकी है और मामले को लेकर स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है। पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई को लेकर कोई विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

क्या हुआ थाने में?

नेहा सिंह राठौर ने हजरतगंज थाने पहुंचकर बयान दर्ज करने की कोशिश की. हालांकि, उनको हिरासत में लेने के लिए नहीं बल्कि पूछताछ के लिए बुलाया गया था. नेहा ने बताया कि उनका बयान दर्ज नहीं हो पाया है. ऐसा इसलिए क्युंकि सूर्यास्त के समय बयांन नहीं दर्ज किया जा सकता है, इसलिए रात के समय उनका बयान नहीं लिया गया. 

नेहा ने आगे बताया कि उन्हें पहले भी दो नोटिस भेजे जा चुके थे. पहला नोटिस लगभग 14-15 दिन पहले आया था, जिसे उन्होंने अपने स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण टाल दिया था. दूसरा नोटिस उन्हें तीन दिन के भीतर जांच अधिकारी के सामने प्रस्तुत होने के लिए दिया गया था और इसलिए वह रात के समय थाने पहुंची थीं. मीडिया के सवालों पर नेहा ने कहा की  “अब देखते हैं, अभी तो कोई दिशा ही नहीं बनी है. मेरा बयान अभी दर्ज नहीं हुआ है, इसलिए मैं यह नहीं बता सकती कि जांच किस दिशा में जा रही है.”

क्या है पूरा मामला?

इस पूरे विवाद पहलगाम आतंकी हमले के समय का है. इस हमले के बाद लोक गायिका नेहा सिंह राठौर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की थी, जिसमें उन्होंने घटना के संदर्भ में चौकी दरवा कायरवा और कुछ अन्य मुद्दों को लेकर अपनी राय रखी थी. नेहा की इस पोस्ट के सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया और इसे लेकर विवाद शुरू हो गया. नेहा की सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर आरोप लगाया गया कि इसके माध्यम से एक विशेष धार्मिक समुदाय को निशाना बनाया गया है और इससे देश की एकता व सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंच सकता है. इसी आधार पर वाराणसी और लखनऊ में नेहा सिंह राठौर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी.  लखनऊ के मामले में यह एफआईआर हजरतगंज पुलिस द्वारा अप्रैल के आखिरी सप्ताह में दर्ज की गई थी.

फिलहाल, नेहा सिंह राठौर का बयान दर्ज होना बाकी है और मामले को लेकर स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है। पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई को लेकर कोई विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

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