मेरठ के टीपी नगर थाना क्षेत्र में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब दिल्ली रोड स्थित नवीन मंडी गेट के सामने एक 8 से 10 साल के बच्चे के गहरे नाले में गिरने की सूचना मिली। नाले की गहराई और तेज बहाव को देखते हुए हालात बेहद गंभीर नजर आए, जिसके बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बच्चा नाले के किनारे झुका हुआ था और वहां पड़ी कांच की बोतल निकालने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे नाले में जा गिरा। सूचना मिलते ही टीपी नगर पुलिस, फायर ब्रिगेड और नगर
निगम की टीमें मौके पर पहुंच गईं।
बचाव अभियान के दौरान टीपी नगर थाना प्रभारी अरुण कुमार मिश्रा ने साहस दिखाते हुए बिना देरी किए खुद नाले में उतरकर बच्चे की तलाश शुरू की। नाले में भारी मात्रा में कचरा और गाद जमा होने के कारण सर्च ऑपरेशन में काफी दिक्कतें आईं। इसके बाद जेसीबी मशीनों की मदद से नाले की सफाई कराई गई और पूरे हिस्से में गहन तलाश की गई।
कई घंटों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बावजूद बच्चे का कोई सुराग नहीं मिल सका। मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताने लगे। वहीं, थाना प्रभारी की बहादुरी की सोशल मीडिया पर भी चर्चा होती रही।
इस पूरे मामले पर टीपी नगर इंस्पेक्टर ने मीडिया को बताया कि नाले के पूरे हिस्से की जांच की गई है, लेकिन फिलहाल बच्चे के नाले में गिरने की पुष्टि नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सर्च ऑपरेशन किया गया, हालांकि कोई ठोस सुराग नहीं मिला।
फिलहाल पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है और स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि बच्चों को नालों और खुले स्थानों के पास जाने से रोकें।




