क्या है ताजा स्थिति
Varanasi News: वाराणसी के मुस्लिम बहुल दालमंडी बाजार में काशी विश्वनाथ मार्ग चौड़ीकरण परियोजना के तहत बुलडोजर की एंट्री हो चुकी है। प्रशासन की ओर से संकेत दिए गए हैं कि अब यहां तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू की जाएगी। इस कार्रवाई के तहत कई भवनों और दुकानों को हटाया जाना है।
कितना होगा चौड़ीकरण
प्रशासन के अनुसार, दालमंडी बाजार के करीब 650 मीटर लंबे हिस्से को 17.4 मीटर यानी लगभग 60 फीट तक चौड़ा किया जाएगा। इस परियोजना के लिए 215 करोड़ 88 लाख रुपये की धनराशि पहले ही जारी की जा चुकी है। चौड़ीकरण का उद्देश्य काशी विश्वनाथ धाम तक आवागमन को सुगम बनाना बताया जा रहा है।
पहले ही दिए जा चुके हैं नोटिस
चौड़ीकरण की कार्रवाई से पहले प्रशासन की ओर से दालमंडी क्षेत्र में 184 मकान और दुकानों को नोटिस जारी किए गए थे। प्रशासन का दावा है कि प्रभावित सभी लोगों को नियमानुसार पूरा मुआवजा दिया जाएगा। हालांकि, जमीनी स्तर पर व्यापारियों और स्थानीय लोगों की चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।
हजारों परिवारों की रोजी-रोटी पर असर
स्थानीय लोगों का कहना है कि दालमंडी बाजार वाराणसी के सबसे पुराने और व्यस्त व्यावसायिक इलाकों में से एक है। चौड़ीकरण की इस योजना से 1000 से अधिक दुकानें और इतने ही परिवार प्रभावित हो सकते हैं। व्यापारियों का आरोप है कि अगर यह मार्ग इसी तरह चौड़ा किया गया तो हजारों लोगों की आजीविका छिन जाएगी।
लोगों की मांग: वैकल्पिक मार्ग और पुनर्वास
इससे पहले स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने सरकार से अपील की थी कि काशी विश्वनाथ धाम जाने के लिए किसी वैकल्पिक मार्ग का चयन किया जाए। उनका कहना है कि मौजूदा योजना से पूरा बाजार उजड़ने की कगार पर है।
सबसे बड़ा सवाल पुनर्वास और न्यायिक प्रक्रिया को लेकर उठाया जा रहा है। लोगों का कहना है कि किसी भी तोड़फोड़ से पहले कोर्ट के आदेशों का पालन हो और प्रभावित परिवारों को उचित पुनर्वास, मुआवजा और कारोबार की सुरक्षा की ठोस गारंटी दी जाए।
प्रशासन का पक्ष
प्रशासन की ओर से दोहराया गया है कि परियोजना के तहत सभी प्रभावित लोगों को पूरा मुआवजा दिया जाएगा और नियमों के अनुसार ही कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, दालमंडी में बुलडोजर की एंट्री के बाद इलाके में तनाव और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।




