देश का केंद्रीय बजट 2026 आज, रविवार 1 फरवरी को संसद में पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 11 बजे अपना लगातार नौवां बजट पेश करेंगी, जिससे वह एक नया रिकॉर्ड कायम करेंगी। अब तक भारत में ऐसा पहली बार होगा जब केंद्रीय बजट रविवार के दिन संसद में रखा जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही साफ कर चुके हैं कि इस बार के बजट का फोकस ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ पर रहेगा। सरकार का इरादा लंबित समस्याओं के अल्पकालिक समाधान से आगे बढ़कर दीर्घकालिक और स्थायी सुधारों की ओर कदम बढ़ाने का है।
बजट के दिन शेयर बाजार भी सामान्य रूप से खुले रहेंगे। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में आज नियमित कारोबारी घंटों के दौरान ट्रेडिंग होगी। बजट से पहले ही बाजार में हलचल तेज है और निवेशक हर बड़े ऐलान पर नजर बनाए हुए हैं।
इस बजट को लेकर उत्तर प्रदेश में भी खास उत्सुकता है। इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे, औद्योगिक निवेश, शहरी विकास, आवास और रोजगार से जुड़ी योजनाओं में यूपी को कितनी प्राथमिकता मिलती है, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं। राज्य को मिलने वाले केंद्रीय फंड और नई परियोजनाओं को लेकर राजनीतिक और आर्थिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं।
बजट से ठीक पहले सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। चांदी के भाव एक झटके में करीब 27 हजार रुपये तक टूटे, जबकि सोना लगभग 9 हजार रुपये सस्ता हुआ। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, पिछले सप्ताह की बिकवाली और बजट से पहले बने अनिश्चित माहौल का असर कीमती धातुओं पर साफ दिखा।
टैक्सपेयर्स की नजरें भी वित्त मंत्री के भाषण पर टिकी हैं। वेतनभोगी वर्ग और मध्यम वर्ग यह जानना चाहता है कि क्या सरकार पुरानी टैक्स व्यवस्था से धीरे-धीरे हटकर नई, सरल और कम झंझट वाली टैक्स प्रणाली को और मजबूत करेगी। नई टैक्स व्यवस्था में फिलहाल 4 लाख रुपये तक की आय टैक्स फ्री है, जबकि पुरानी व्यवस्था में यह सीमा 2.5 लाख रुपये है।
इसके साथ ही बजट में डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्स को लेकर भी कई अहम संकेत मिलने की उम्मीद है। इनकम टैक्स और कॉरपोरेट टैक्स जैसे प्रत्यक्ष करों के साथ जीएसटी और सीमा शुल्क जैसे अप्रत्यक्ष कर आम लोगों की जेब पर कैसे असर डालेंगे, इस पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं।
इलेक्ट्रिक वाहन सेक्टर भी सरकार से बड़े ऐलान की उम्मीद लगाए बैठा है। ईवी कंपनियां चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से बढ़ाने, टैक्स में राहत और आसान फाइनेंस जैसी सुविधाओं की मांग कर रही हैं, ताकि ईवी अपनाने की रफ्तार और तेज हो सके।
कुल मिलाकर, बजट 2026 न सिर्फ आर्थिक दिशा तय करेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश के लिए विकास और निवेश के नए रास्ते खोलने की उम्मीदों से जुड़ा हुआ है।




