2029 का लोकसभा चुनाव लड़ेंगे बृजभूषण शरण सिंह, बोले– साजिशों और आरोपों का जवाब जनता के बीच जाकर दूंगा

बृजभूषण शरण सिंह

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और छह बार सांसद रह चुके बृजभूषण शरण सिंह ने साफ कर दिया है कि वह 2029 का लोकसभा चुनाव जरूर लड़ेंगे। उनके इस ऐलान के बाद सियासी हलकों में नई चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है।
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि समाज को जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित राम कथा जैसे कार्यक्रमों को लेकर जानबूझकर गलत माहौल बनाया गया। उनके मुताबिक इन आयोजनों में केवल धार्मिक प्रसंग ही नहीं, बल्कि स्वतंत्रता सेनानियों की वीर गाथाओं का भी उल्लेख किया गया, ताकि सामाजिक एकता का संदेश दिया जा सके। इसी दौरान, उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ एक बड़ी साजिश रची गई।

महिला पहलवान विवाद का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि उनकी छवि खराब करने की कोशिश केवल देश के भीतर नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हुई। बृजभूषण शरण सिंह का कहना है कि यह एक सुनियोजित षड्यंत्र था, जिसमें राजनीतिक विरोधियों के साथ-साथ खालिस्तान समर्थक तत्व भी शामिल थे। उनके अनुसार इस पूरे प्रकरण का उद्देश्य उन्हें बदनाम करना था।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2023-24 का समय उनके जीवन का सबसे विवादित दौर रहा। इसी दौरान लगे आरोपों और विरोध के माहौल ने उन्हें यह फैसला लेने पर मजबूर किया कि वह एक बार फिर लोकसभा में वापसी करेंगे। अब उन्होंने दोहराया है कि 2029 में वह चुनाव लड़ेंगे, हालांकि किस सीट से चुनाव होगा, इसका निर्णय पार्टी स्तर पर किया जाएगा।

अपने राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि वह पहले ही छह बार सांसद रह चुके हैं। उनकी पत्नी भी सांसद रह चुकी हैं और उनका बेटा वर्तमान में संसद में है। इसके बावजूद, उनका कहना है कि यह लड़ाई सत्ता की नहीं, बल्कि अपने ऊपर लगे आरोपों और कथित राजनीतिक साजिशों का जवाब देने की है।

महिला पहलवानों के धरने को लेकर उन्होंने कांग्रेस पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शनों में कांग्रेस से जुड़े लोगों की भूमिका सबसे ज्यादा रही। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि धरना स्थल पर प्रियंका गांधी भी पहुंची थीं और कई बड़े नेताओं ने इस आंदोलन का नेतृत्व किया था। उनका दावा है कि इस दौरान कुछ ऐसे लोग भी शामिल हो गए, जो परिस्थितियों का फायदा उठाने आए थे, जिनमें कुछ अपने भी थे।

बृजभूषण शरण सिंह ने यह भी कहा कि उनके खिलाफ विदेशों तक में माहौल बनाया गया। उनके मुताबिक अमेरिका जैसे देशों में भी उनके विरोध में पोस्टर और बैनर लगाए गए, जिससे यह संकेत मिलता है कि मामला केवल घरेलू राजनीति तक सीमित नहीं था।
अयोध्या लोकसभा सीट को लेकर चल रही चर्चाओं पर उन्होंने स्पष्ट किया कि इस सीट पर पहला अधिकार विनय कटियार का है और उन्हें ही वहां से चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने इस विचार का स्वागत किया और कहा कि उनका लक्ष्य किसी एक सीट से नहीं, बल्कि लोकसभा में वापसी से जुड़ा है।
पार्टी के समर्थन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि आरोप लगना कोई संकट नहीं होता। उनका दावा है कि भारतीय जनता पार्टी ने कठिन समय में भी उनका साथ नहीं छोड़ा। साथ ही 2024 के चुनावी नतीजों और 2027 की राजनीति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि अभी चुनाव दूर हैं और फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि राजनीतिक हवा किस ओर जाएगी, लेकिन उनकी नजर में बीजेपी अब भी मजबूत स्थिति में है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या 2029 में बीजेपी बृजभूषण शरण सिंह को टिकट देगी और क्या यह बयान आने वाले वर्षों की राजनीति की दिशा तय करने वाला साबित होगा।

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