बांदा जिले में बागेश्वर धाम के प्रसिद्ध पीठाधीश्वर और महंत पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री चार दिवसीय हनुमान कथा का आयोजन करने पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी, जो सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है। शास्त्री ने भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की कामना की, हिंदुओं से जनसंख्या बढ़ाने की अपील की, हरिद्वार की हर की पौड़ी में मुस्लिमों की एंट्री पर टिप्पणी की, वेदों के महत्व पर जोर दिया और गुरुकुल शिक्षा पद्धति की वकालत की। साथ ही, उन्होंने बुंदेलखंड में कैंसर अस्पताल की स्थापना का भी जिक्र किया।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री का यह दौरा भक्तों के बीच उत्साह पैदा कर रहा है, लेकिन उनके बयानों ने विवाद को भी जन्म दिया है।
हर की पौड़ी में मुस्लिम एंट्री पर विवादास्पद टिप्पणी
पंडित शास्त्री ने हरिद्वार की पवित्र हर की पौड़ी में मुस्लिमों की एंट्री को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि अगर मुस्लिम समुदाय को हिंदू धार्मिक स्थलों से परहेज है, तो उन्हें वहां आने की क्या जरूरत है? उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है? जब हम काबा नहीं जाते, तो तुम बाबा के यहां क्यों आते हो?” हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर मुस्लिम उनकी कथा सुनने आते हैं, तो उनका स्वागत है क्योंकि यह पुराना घर और जान-पहचान का मामला है। लेकिन अगर हिंदुत्व से दूरी है, तो घर बैठे टीवी पर प्रवचन सुन सकते हैं। यह बयान धार्मिक सद्भाव और सीमाओं पर बहस छेड़ सकता है।
वेद न पढ़ने पर ‘नावेद और जावेद’ बनने वाला बयान दोहराया
अपने पुराने बयान “वेद नहीं पढ़ोगे तो नावेद और जावेद बनोगे” पर सफाई देते हुए शास्त्री ने कहा कि यह बयान पूरी तरह हिंदुओं के लिए है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सनातनी परिवारों को अपने बच्चों को वेदों की शिक्षा देनी चाहिए, ताकि वे किसी गलत प्रभाव में न आएं। “मेरा बयान हिंदुओं के लिए है कि उनके बेटे नावेद और जावेद न बनें। इसमें कुछ गलत नहीं है। अगर किसी को मिर्ची लगती है, तो लगती रहे – हम सुधरने वाले नहीं हैं।” यह बयान धार्मिक शिक्षा और सांस्कृतिक संरक्षण पर उनके विचारों को दर्शाता है।
हिंदू जनसंख्या बढ़ाने की अपील और बांग्लादेश का उदाहरण
जनसंख्या के मुद्दे पर शास्त्री ने सबसे ज्यादा विवादास्पद बयान दिया। उन्होंने कहा कि सरकार दो बच्चों की नीति की बात करती है, लेकिन कुछ लोग 30-30 बच्चे पैदा कर रहे हैं। हिंदुओं से अपील करते हुए बोले, “हिंदुओं, अपनी जनसंख्या बढ़ाओ। कम से कम 4-4 बच्चे पैदा करो। अगर जंगल, जल और जमीन बचानी है, तो जनसंख्या बढ़ानी होगी। नहीं तो बांग्लादेश की तरह एक-एक करके निपटाए जाओगे।” उन्होंने भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की कामना भगवान कामदगिरि से की और कहा कि हिंदू जनसंख्या बढ़ने से ही हिंदू बच्चे सुरक्षित रहेंगे। यह बयान धार्मिक जनसांख्यिकी और राष्ट्रीय सुरक्षा पर बहस को हवा दे सकता है।
बुंदेलखंड में कैंसर अस्पताल की घोषणा
धार्मिक और सामाजिक मुद्दों के अलावा, शास्त्री ने स्वास्थ्य पर भी बात की। उन्होंने कहा कि पहले अस्पतालों में मंदिर होते थे, अब मंदिरों में अस्पताल बनेंगे। बुंदेलखंड में 2027 तक एक कैंसर अस्पताल बनकर तैयार हो जाएगा, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। यह बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए एक बड़ी खुशखबरी है और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का संकेत देता है।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री के ये बयान उनके भक्तों में जोश भर रहे हैं, लेकिन विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों में असंतोष पैदा कर सकते हैं।




