उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों को लेकर भाजपा के भीतर ही खींचतान सामने आ गई है। इसी घटनाक्रम पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर टिप्पणी करते हुए भाजपा सरकार पर तीखा कटाक्ष किया है।
अखिलेश यादव ने पोस्ट में लिखा, “ब्रेकिंग न्यूज: मंत्री जी को बंधक बना लिया गया। खबर: भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत ने क्षेत्र की सड़कों की बदहाली, गांवों में पेयजल संकट और जल जीवन मिशन के अधूरे काम को लेकर मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को बंधक बना लिया।”
उन्होंने आगे राय देते हुए कहा कि भाजपा सरकार के भीतर ‘डबल इंजन’ ही नहीं, बल्कि अलग-अलग डिब्बे भी आपस में टकरा रहे हैं। अखिलेश यादव के मुताबिक, भाजपा के मंत्री और विधायक जनता और विकास के बजाय निजी स्वार्थों में उलझे हुए हैं और जनता के बढ़ते गुस्से से बचने के लिए एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं।
दरअसल, महोबा जिले में उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत ने केंद्र सरकार की जल कनेक्शन योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत न होने का मुद्दा उठाया। इसी को लेकर विधायक और जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। बाद में मंत्री विधायक को जिलाधिकारी के पास ले गए, जहां बैठक हुई।
बैठक के बाद विधायक राजपूत ने मीडिया से कहा कि मंत्री ने काम दुरुस्त कराने के लिए 20 दिन का समय मांगा है। उन्होंने साफ किया कि यदि तय समय में काम नहीं हुआ तो वे चुप नहीं बैठेंगे, क्योंकि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना है।
इस पूरे मामले पर जिलाधिकारी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि पाइपलाइन बिछाने के दौरान जिले में कुल 1131 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हुई थीं। इनमें से 1118 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत का काम पूरा किया जा चुका है। चरखारी विधानसभा क्षेत्र में 717 किलोमीटर सीसी सड़कें प्रभावित हुई थीं, जिनमें से 706 किलोमीटर का पुनर्निर्माण हो चुका है। शेष 12 किलोमीटर सड़क का काम जल्द पूरा कराने के निर्देश नोडल एजेंसी को दिए गए हैं।
विधायक बृजभूषण राजपूत का आरोप है कि हर घर जल योजना के तहत खोदी गई सड़कों के कारण आम लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। उनका कहना है कि कुछ जगहों पर मरम्मत हुई, लेकिन बारिश में सड़कें फिर खराब हो गईं। उन्होंने यह भी कहा कि लोग आक्रोशित हैं और इसका असर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है।
इस बीच अखिलेश यादव ने एक और पोस्ट में कहा कि अपनी ही सरकार के मंत्री के खिलाफ भाजपा विधायक का ऐसा रुख इस बात का संकेत है कि पार्टी के जनप्रतिनिधियों को आगामी चुनावों में हार का अंदेशा है। उनके मुताबिक, यह स्थिति पूरे प्रदेश में भाजपा सरकार की लड़खड़ाती व्यवस्था की झलक है।





