उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस ने एक अंतरराज्यीय धोखाधड़ी गिरोह का बड़ा भंडाफोड़ किया है। कर्नलगंज थाना और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने दो मुख्य आरोपियों को दबोच लिया, जिन्होंने नकली चांदी की सिल्लियां बनाकर ज्वेलरी कारोबारियों को ठगा था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान देवेंद्र गुप्ता उर्फ देवा और आकाश अग्रवाल उर्फ राजा के रूप में हुई है।
इस गिरोह का तरीका बेहद चालाक था – वे असली चांदी की परत चढ़ाकर नकली सिल्लियां तैयार करते थे। फिर ज्वेलर्स को भरोसे में लेकर बड़ी मात्रा में ये नकली चांदी बेचते और बदले में असली सोने के सिक्के या चेन लेकर फरार हो जाते थे। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह कोटा, जयपुर, ग्वालियर, दिल्ली और अन्य शहरों में भी कई बार ऐसी वारदात कर चुका है। आरोपी फर्जी आधार कार्ड और नकली पहचान पत्र बनवाकर नई पहचान के साथ ज्वेलरी दुकानों से संपर्क करते थे।
भीड़भाड़ वाले समय का फायदा उठाकर वे चेक या जांच के बिना नकली सामान सौंपते और कीमती सोना लेकर तुरंत शहर से बाहर निकल जाते थे। वारदात के बाद पहचान छिपाने के लिए किराए की गाड़ियां भी बदल लेते थे। इनके पास से 5 लाख रुपये मूल्य की नकली चांदी और कुछ सोने के सिक्के बरामद हुए हैं। आरोपियों के खिलाफ आगरा और कानपुर में पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं, और वे वांछित थे।
यह कार्रवाई ज्वेलरी कारोबारियों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है, क्योंकि गिरोह कानपुर में फिर से बड़ी ठगी की साजिश रच रहा था। पुलिस अब गिरोह के बाकी सदस्यों और उनके पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी है। ज्वेलर्स से अपील है कि किसी भी बड़े लेन-देन से पहले पूरी जांच-पड़ताल और सत्यापन जरूर करें।




