नीतीश कुमार के इस्तीफे पर यूपी में सियासी हलचल, अखिलेश का ‘सियासी अपहरण’ वाला बयान चर्चा में; शंकराचार्य का लखनऊ कूच आज

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बिहार की राजनीति में आए बदलाव के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत भी गरमा गई है। मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार के इस्तीफे और राज्यसभा जाने की खबरों के बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान ने नई बहस छेड़ दी है। वहीं दूसरी ओर शंकराचार्य स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद के लखनऊ कूच और बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के समर्थन से गौ रक्षा का मुद्दा भी सुर्खियों में है।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में फिलहाल तीन घटनाएं चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं—नीतीश कुमार के इस्तीफे पर सियासी बयानबाजी, स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद की यात्रा को लेकर प्रशासन और संतों के बीच खींचतान, और गौ रक्षा अभियान को लेकर संत समाज का बढ़ता समर्थन।

नीतीश कुमार के इस्तीफे पर सपा का हमला
बिहार में राजनीतिक घटनाक्रम के बाद समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटनाक्रम को “बिहार का आर्थिक और सियासी अपहरण” करार दिया।

अखिलेश यादव ने एक पोस्ट के जरिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधा और संकेत दिया कि आने वाले समय में इसका असर यूपी की राजनीति पर भी पड़ सकता है। सपा की रणनीति कुर्मी वोट बैंक को साधने पर केंद्रित मानी जा रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश कुमार जैसे बड़े कुर्मी नेता के सक्रिय सत्ता से हटने के बाद इस समुदाय की राजनीति को लेकर नए समीकरण बन सकते हैं। समाजवादी पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए इस सामाजिक आधार को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

हालांकि भारतीय जनता पार्टी भी इस वोट बैंक को साधने की रणनीति पर काम कर रही है। हाल ही में पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने को इसी प्रयास से जोड़कर देखा जा रहा है।

स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद का लखनऊ कूच
इधर, ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद शनिवार सुबह वाराणसी से लखनऊ के लिए प्रस्थान करने वाले हैं। यह यात्रा गौ माता को “राष्ट्रमाता” का दर्जा दिलाने और देशभर में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग को लेकर निकाली जा रही है।

उनका काफिला वाराणसी से जौनपुर, सुल्तानपुर और रायबरेली होते हुए लखनऊ पहुंचेगा। इस यात्रा को लेकर अनुमति के मुद्दे पर संत समाज और प्रशासन के बीच चर्चा तेज रही।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि यात्रा की अनुमति देना प्रशासन का विषय है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शंकराचार्य ने कहा कि प्रशासन शासन के अधीन होता है। हालांकि प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार सरकार इस बार किसी टकराव की स्थिति से बचना चाहती है और यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

गौ रक्षा अभियान को धीरेंद्र शास्त्री का समर्थन
वाराणसी पहुंचे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद के अभियान का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि जो भी गौ माता, गंगा और गीता के संरक्षण के लिए काम कर रहा है, वे उसके साथ हैं।

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उनका उद्देश्य समाज को जोड़ना है, तोड़ना नहीं। उन्होंने गौ रक्षा के मुद्दे पर लोगों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास भारत को विश्व गुरु बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

संतों के इस समर्थन से गौ रक्षा को लेकर चल रहे अभियान को और मजबूती मिलने की चर्चा भी तेज हो गई है।

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