Barabanki News: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के रामनगर थाने में तैनात दरोगा अखिलेश यादव पर एक महिला ने गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का दावा है कि पारिवारिक विवाद की जांच के दौरान दरोगा ने उसके साथ छेड़छाड़ की, नौकरी दिलाने के नाम पर दबाव बनाया और विरोध करने पर उसे व उसके पति को धमकाया। मामले की शिकायत के बाद पुलिस अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
रामनगर थाने में तैनात दरोगा अखिलेश यादव एक पारिवारिक विवाद की जांच के सिलसिले में पीड़िता के घर पहुंचे थे। महिला का आरोप है कि जांच के दौरान दरोगा ने पेशेवर मर्यादा का उल्लंघन किया और उसे निजी संबंध बनाने के लिए दबाव डालना शुरू कर दिया।
पीड़िता के अनुसार, दरोगा उसे नौकरी दिलाने का आश्वासन देते थे और पति को छोड़ने के लिए उकसाते थे। महिला का कहना है कि वह बार-बार फोन कर परेशान करते थे और केस की जानकारी के बहाने अशोभनीय बातें करते थे।
‘बेडरूम तक पहुंचे दरोगा’ — महिला का आरोप
महिला ने आरोप लगाया कि दरोगा कई बार वर्दी की धौंस दिखाकर उसके घर में घुस आए। एक बार तो वह सीधे उसके बेडरूम तक पहुंच गए, हालांकि परिजन के आ जाने से मामला वहीं रुक गया।
पीड़िता का यह भी आरोप है कि एक बार सड़क पर रोककर दरोगा ने उसे जबरन गाड़ी में बैठाने की कोशिश की। शोर-शराबा होने और भीड़ जुटने पर वह मौके से चले गए।
पति को धमकाने का भी आरोप
महिला के पति ने भी दरोगा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब उन्होंने दरोगा की कथित हरकतों का विरोध किया, तो उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने और जेल भेजने की धमकी दी गई।
पति के मुताबिक, दरोगा ने कहा कि ज्यादा विरोध करने पर उन्हें गुंडा एक्ट या अन्य मामलों में फंसा दिया जाएगा।
पुलिस ने शुरू की जांच
मामले के सार्वजनिक होने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया है। एएसपी विकास त्रिपाठी ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है और जांच सीओ रामनगर को सौंपी गई है। प्रारंभिक स्तर पर आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी दरोगा फिलहाल छुट्टी पर हैं। पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच के बाद ही सामने आएगा सच
फिलहाल यह मामला बाराबंकी में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर महिला और उसके पति गंभीर आरोप लगा रहे हैं, वहीं पुलिस का कहना है कि निष्पक्ष जांच के बाद ही सच्चाई स्पष्ट होगी।
अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है।




