हरचंदपुर के गंगेश्वर मंदिर प्रांगण में गुमटियों के कब्जे को लेकर लंबित विवाद; व्यापारियों ने ज्ञापन सौंपा, नायब तहसीलदार ने कोर्ट ऑर्डर का हवाला दिया
उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के हरचंदपुर कस्बे में गंगेश्वर मंदिर के प्रांगण गेट के पास लगी गुमटियों के कब्जे को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद अब गरमागरम हो गया है। मंगलवार को इस मुद्दे पर व्यापारियों और नायब तहसीलदार राम शंकर मिश्र के बीच थाने में तीखी बहस हुई, जिसमें नायब तहसीलदार के एक बयान ने व्यापारियों को भड़का दिया।
व्यापारियों का आरोप है कि मंदिर प्रांगण में लगी अवैध गुमटियां उनके मांगलिक कार्यक्रमों और धार्मिक आयोजनों में बाधा डाल रही हैं। उन्होंने लंबे समय से इन गुमटियों को हटाने की मांग की है। मंगलवार को सैकड़ों व्यापारी थाने पहुंचे और नायब तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने मांग की कि मंदिर प्रांगण में होने वाले शुभ अवसरों, पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यक्रमों में कोई व्यवधान न हो।
इस दौरान बातचीत तेज हो गई। व्यापारियों ने कहा कि यदि गुमटियां नहीं हटाई गईं तो वे आगामी महाशिवरात्रि पर्व नहीं मनाएंगे। इस पर नायब तहसीलदार राम शंकर मिश्र ने कहा, “महाशिवरात्रि मत मनाओ।” यह बयान सुनकर व्यापारी आक्रोशित हो गए और उन्होंने प्रशासन पर न्याय न देने का आरोप लगाया। व्यापारियों का कहना था कि जब न्याय नहीं मिलेगा तो पर्व कैसे मनाएं।
नायब तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है और कोर्ट का आदेश ही अंतिम होगा। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए कि जब तक अदालत का फैसला नहीं आ जाता, तब तक प्रांगण में लगी गुमटियां नहीं खोली जाएंगी और कोई नया निर्माण या बदलाव नहीं होगा।
इस घटना में व्यापार मंडल के अध्यक्ष सरदार मनजीत सिंह, आशीष अवस्थी, योगेश घिल्डियाल, अशोक त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय व्यापारी मौजूद रहे। व्यापारियों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना हक मांग रहे हैं और धार्मिक भावनाओं का सम्मान चाहते हैं।
हरचंदपुर के गंगेश्वर मंदिर प्रांगण में गुमटियों के कब्जे को लेकर लंबित विवाद; व्यापारियों ने ज्ञापन सौंपा, नायब तहसीलदार ने कोर्ट ऑर्डर का हवाला दिया
उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के हरचंदपुर कस्बे में गंगेश्वर मंदिर के प्रांगण गेट के पास लगी गुमटियों के कब्जे को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद अब गरमागरम हो गया है। मंगलवार को इस मुद्दे पर व्यापारियों और नायब तहसीलदार राम शंकर मिश्र के बीच थाने में तीखी बहस हुई, जिसमें नायब तहसीलदार के एक बयान ने व्यापारियों को भड़का दिया।
व्यापारियों का आरोप है कि मंदिर प्रांगण में लगी अवैध गुमटियां उनके मांगलिक कार्यक्रमों और धार्मिक आयोजनों में बाधा डाल रही हैं। उन्होंने लंबे समय से इन गुमटियों को हटाने की मांग की है। मंगलवार को सैकड़ों व्यापारी थाने पहुंचे और नायब तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने मांग की कि मंदिर प्रांगण में होने वाले शुभ अवसरों, पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यक्रमों में कोई व्यवधान न हो।
इस दौरान बातचीत तेज हो गई। व्यापारियों ने कहा कि यदि गुमटियां नहीं हटाई गईं तो वे आगामी महाशिवरात्रि पर्व नहीं मनाएंगे। इस पर नायब तहसीलदार राम शंकर मिश्र ने कहा, “महाशिवरात्रि मत मनाओ।” यह बयान सुनकर व्यापारी आक्रोशित हो गए और उन्होंने प्रशासन पर न्याय न देने का आरोप लगाया। व्यापारियों का कहना था कि जब न्याय नहीं मिलेगा तो पर्व कैसे मनाएं।
नायब तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है और कोर्ट का आदेश ही अंतिम होगा। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए कि जब तक अदालत का फैसला नहीं आ जाता, तब तक प्रांगण में लगी गुमटियां नहीं खोली जाएंगी और कोई नया निर्माण या बदलाव नहीं होगा।
इस घटना में व्यापार मंडल के अध्यक्ष सरदार मनजीत सिंह, आशीष अवस्थी, योगेश घिल्डियाल, अशोक त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय व्यापारी मौजूद रहे। व्यापारियों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना हक मांग रहे हैं और धार्मिक भावनाओं का सम्मान चाहते हैं।




