शामली जिले के कंडेला गांव में हाल ही में आयोजित एक विराट हिंदू सम्मेलन के दौरान गौरी शंकर गौशाला के स्वामी राम विशाल दास महाराज ने कैराना से सांसद इकरा हसन के खिलाफ बेहद विवादास्पद और आपत्तिजनक टिप्पणी की है। उन्होंने सुझाव दिया कि इकरा हसन किसी हिंदू गुर्जर युवक से शादी कर लें, ताकि वे “तीन तलाक” और “ससुर से हलाला” जैसी स्थितियों से बच सकें। यह 51 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी बहस छिड़ गई है।
क्या कहा स्वामी राम विशाल दास ने?
सम्मेलन में भाषण के दौरान स्वामी राम विशाल दास ने इकरा हसन के गुर्जर समुदाय में वोट मांगने के तरीके का जिक्र करते हुए कहा कि इकरा ने वहां जाकर खुद को “आपकी बेटी” और “गुजरी” बताते हुए वोट मांगे थे। उन्होंने आगे कहा कि अगर गुर्जर समाज वाकई भाईचारा और रिश्तेदारी निभाना चाहता है, तो इकरा को किसी गुर्जर लड़के से शादी कर लेनी चाहिए। ऐसा करने से वे मुस्लिम परंपराओं में प्रचलित “तीन तलाक” से बच जाएंगी और “हलाला” जैसी जटिलताओं से दूर रहेंगी।
उनके शब्दों में: “अगर वास्तव में आप रिश्तेदारी निभाना चाहते हो तो… किसी गुर्जर से शादी कर लें, तीन तलाक से बच जाएंगी।”
यह बयान 31 जनवरी को दिए गए थे, लेकिन अब वीडियो वायरल होने के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।
वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
वीडियो के वायरल होने के बाद ट्विटर (X), फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर तीखी टिप्पणियां आ रही हैं।
- कई यूजर्स ने इसे महिला सम्मान के खिलाफ और सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाला बताया है।
- कुछ लोग इसे धार्मिक सम्मेलन में “सामान्य सलाह” बताकर बचाव कर रहे हैं।
- राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी बयान की कड़ी निंदा की है, इसे संवेदनशील मुद्दों पर अनुचित टिप्पणी करार दिया है।
राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव
शामली-कैराना इलाका जातीय और सांप्रदायिक संतुलन के लिए संवेदनशील माना जाता है। इकरा हसन समाजवादी पार्टी की सांसद हैं और गुर्जर समुदाय में उनका प्रभाव क्षेत्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण है। स्वामी राम विशाल दास, जो हिंदू रक्षा दल से भी जुड़े बताए जाते हैं, पहले भी विवादास्पद बयानों के कारण चर्चा में रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक मंच पर ऐसे बयान समुदायों के बीच तनाव बढ़ा सकते हैं और चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकते हैं। गुर्जर समाज पर की गई इस टिप्पणी को भी कई लोग अपमानजनक मान रहे हैं, क्योंकि इसमें वोट बैंक को रिश्तेदारी से जोड़ने की बात कही गई है।




