लखनऊ में लिवर ट्रांसप्लांट की नई उम्मीद: जागरूकता से मरीज अब समय पर पहुंच रहे हैं ट्रांसप्लांट तक

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में लिवर संबंधी बीमारियां तेजी से एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनती जा रही हैं। फैटी लिवर डिजीज (Metabolic Dysfunction-Associated Steatotic Liver Disease – MASLD) अब देशभर में 30-35% आबादी को प्रभावित कर रही है, और कुछ क्षेत्रों में यह आंकड़ा 50% तक पहुंच चुका है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बीमारी अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के धीरे-धीरे बढ़ती है और सिरोसिस (लिवर का सख्त होना) तथा लिवर फेलियर तक पहुंच जाती है।

हालांकि, एक सकारात्मक बदलाव भी नजर आ रहा है – मरीज और उनके परिवार अब लिवर ट्रांसप्लांट को लेकर पहले से कहीं ज्यादा जागरूक हो गए हैं। समय पर जांच, सही सलाह और लिविंग लिवर डोनेशन (जीवित दाता से लिवर ट्रांसप्लांट) की बढ़ती स्वीकार्यता के कारण मरीज निर्णायक उपचार की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं।

डॉ. अभिषेक यादव का कहना

डॉ. अभिषेक यादव, सीनियर डायरेक्टर और प्रमुख – लिवर ट्रांसप्लांट एवं एचपीबी सर्जरी, अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ ने बताया कि फैटी लिवर डिजीज समस्या को और गंभीर बना रही है। “यह बीमारी अब युवाओं में भी तेजी से फैल रही है। लेकिन अच्छी बात यह है कि लोग अब पहले की तुलना में जल्दी डॉक्टर से संपर्क कर रहे हैं और लिवर ट्रांसप्लांट को एक सुरक्षित एवं प्रभावी इलाज के रूप में स्वीकार कर रहे हैं।”

डॉ. यादव 20+ वर्षों के अनुभव वाले प्रसिद्ध लिवर ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ हैं, जिन्होंने ASAN मेडिकल सेंटर, सियोल (दक्षिण कोरिया) से फेलोशिप पूरी की है। अपोलोमेडिक्स में उनकी टीम ने उन्नत सर्जरी और मल्टीडिसिप्लिनरी अप्रोच से कई सफल ट्रांसप्लांट किए हैं।

लिवर प्रोग्राम की खासियत

डॉ. राजीव रंजन सिंह, डायरेक्टर – गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, अपोलोमेडिक्स हॉस्पिटल ने बताया कि अस्पताल का लिवर प्रोग्राम पूरी तरह मल्टीडिसिप्लिनरी टीम द्वारा संचालित है। इसमें शामिल हैं:

  • गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट
  • लिवर ट्रांसप्लांट एवं एचपीबी सर्जन
  • एनेस्थेटिस्ट
  • इंटेंसिविस्ट
  • पीडियाट्रिक विशेषज्ञ
  • ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर

इस समन्वित प्रयास का नतीजा है कि पिछले तीन महीनों में ही अपोलोमेडिक्स में 7 से अधिक लिवर ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किए गए हैं। डॉ. सिंह, जो DM Hepatology (PGIMER, चंडीगढ़) और Advanced Endoscopy में फेलो हैं, ने कहा कि टीम की विशेषज्ञता और पोस्ट-ऑपरेटिव केयर के कारण सफलता दर बहुत अच्छी है।

फैटी लिवर का खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार, फैटी लिवर डिजीज अब भारत में महामारी की तरह फैल रही है। उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में मोटापा, डायबिटीज, सेडेंटरी लाइफस्टाइल और अस्वास्थ्यकर खान-पान के कारण यह और तेजी से बढ़ रही है। अगर समय रहते पता चल जाए तो दवाइयों, डाइट और लाइफस्टाइल चेंज से इसे कंट्रोल किया जा सकता है, लेकिन एडवांस स्टेज में ट्रांसप्लांट ही अंतिम विकल्प बचता है।

अपोलोमेडिक्स का योगदान

अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ अब उत्तर प्रदेश में लिवर ट्रांसप्लांट का प्रमुख केंद्र बन चुका है। यहां एडवांस्ड टेक्नोलॉजी, डेडिकेटेड लिवर ICU और अनुभवी टीम की वजह से बिहार, नेपाल सहित आसपास के राज्यों से मरीज पहुंच रहे हैं। अस्पताल में लिविंग डॉनर ट्रांसप्लांट पर विशेष फोकस है, जो सफलता दर को और बढ़ाता है।

[acf_sponsor]