शंकराचार्य धरने पर, संजय सिंह पहुंचे समर्थन में: “मंदिर तोड़ने वाले अहंकारी, संस्कृति नष्ट कर रहे!”

माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर जमकर निशाना साधा। संजय सिंह ने कहा कि सरकार का दोहरा व्यवहार असहनीय है – एक तरफ कुछ बाबाओं की रोटी DM खुद सेंक रहा है और उनके लिए पूरा प्रशासन तैनात रहता है, वहीं दूसरी तरफ सच्चे शंकराचार्य और उनके शिष्यों को अपमानित किया जा रहा है, घसीटा जा रहा है और मारपीट की जा रही है।

संजय सिंह के प्रमुख बयान

  • “यह बेहद दुखद और पीड़ादायक है। 90 साल के बुजुर्ग शंकराचार्य को पुलिस ने जूतों से पीठ पर मारा। उनके शिष्य बटुक को चोटी पकड़कर घसीटा और मारा। एक शंकराचार्य को गंगा स्नान से वंचित किया जा रहा है और फिर उनसे शंकराचार्य होने का प्रमाण-पत्र मांगा जा रहा है।”
  • “एक बाबा ऐसे हैं जिनकी रोटी DM बनाता है, उनके लिए शासन-प्रशासन 24 घंटे लगा रहता है। लेकिन शंकराचार्य के शिष्यों को घसीट-घसीटकर मारा जा रहा है। कारण? क्योंकि वे गौहत्या पर रोक लगाने की बात करते हैं और अधूरे मंदिर उद्घाटन का विरोध करते हैं।”
  • “यह सरकार खुद को भगवान से भी ऊपर समझने लगी है। यह हिटलरशाही है। जहां स्वामी जी की पालकी रोकी गई, वहीं आगे तक अधिकारियों की गाड़ियां चली गईं। क्या पालकी इसलिए नहीं जा सकती क्योंकि आपको सिर्फ अपमान करना है?”
  • “प्रधानमंत्री उनके चरण छूते हैं तो शंकराचार्य हैं, लेकिन जब प्रशासन उन्हें दो अन्य शंकराचार्यों के साथ स्नान कराता है तो भी शंकराचार्य मानता है। हर सत्तारूढ़ दल की आलोचना करने वाले स्वामी जी पर यह पक्षपात क्यों?”
  • “मणिकर्णिका घाट और पुराने मंदिरों को तोड़ने का पाप हुआ है। विकास के नाम पर संस्कृति नष्ट की जा रही है। अहंकार सवार है।”

माघ मेला विवाद का पूरा मामला

माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को भीड़ और प्रशासनिक रोक के कारण स्नान से वंचित किया गया। उनके शिष्यों पर पुलिस द्वारा मारपीट हुई, जिसके विरोध में वे अनशन पर बैठे। संजय सिंह ने इसे धार्मिक अपमान और हिंदू परंपराओं पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि जो लोग अपनी डिग्री नहीं दिखा पाए, वही शंकराचार्य से प्रमाण मांग रहे हैं।

संजय सिंह ने समाजवादी पार्टी के नेता माता प्रसाद पांडे के बाद इस विवाद में AAP की एंट्री बताई और कहा कि यह सिर्फ व्यक्तिगत नहीं, बल्कि धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मणिकर्णिका घाट और मंदिर तोड़ने वालों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आगे भी आवाज उठाई जाएगी।

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