केजीएमयू परिसर में अवैध मजारों पर सख्त कार्रवाई: 15 दिन में हटाने का नोटिस चस्पा

यूपी की राजधानी लखनऊ स्थित प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) परिसर में बनी अवैध मजारों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर में मौजूद सभी मजारों पर नोटिस चस्पा कर दिया है, जिसमें 15 दिनों के अंदर इन्हें स्वयं हटाने का सख्त निर्देश दिया गया है।

नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि ये मजार विश्वविद्यालय की सरकारी भूमि पर बिना किसी वैध अनुमति या नियमों का पालन किए अवैध रूप से बने हुए हैं। इसलिए इन्हें अतिक्रमण मानते हुए हटाया जा रहा है। तय समय सीमा (15 दिन) के भीतर अगर मजारें नहीं हटाई गईं, तो पुलिस बल की मदद से इन्हें जबरन ध्वस्त कर दिया जाएगा। इसके अलावा ध्वस्तीकरण पर आने वाला पूरा खर्च (बुलडोजर, मजदूरी आदि) जिम्मेदार पक्षों से वसूला जाएगा।

KGMU प्रशासन ने नियमों और भूमि उपयोग नीतियों का हवाला देते हुए यह कदम उठाया है। परिसर में माइक्रोबायोलॉजी विभाग के पीछे और अन्य जगहों पर बनी ये मजारें दशकों से अतिक्रमण का रूप ले चुकी हैं। नोडल अधिकारी भूमि अधिग्रहण प्रोफेसर केके सिंह की ओर से जारी नोटिस में साफ कहा गया है कि विश्वविद्यालय परिसर सरकारी भूमि है और यहां कोई भी अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

यह कार्रवाई यौन शोषण-धर्मांतरण जैसे कुछ विवादास्पद मामलों के बाद तेज हुई है, जहां SIT जांच और अन्य रिपोर्ट्स में परिसर में कुछ अनियमितताओं का जिक्र आया था। प्रशासन का कहना है कि यह कदम परिसर को अतिक्रमण मुक्त बनाने और स्वास्थ्य सेवाओं/शिक्षा के लिए जगह खाली करने का हिस्सा है।

व्यापक प्रभाव और प्रतिक्रियाएं

नोटिस चस्पा होने के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोग इसे सरकारी भूमि को मुक्त कराने का सकारात्मक कदम बता रहे हैं, जबकि अन्य पक्षों से विरोध की आवाजें भी उठ सकती हैं। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि कोई भी विरोध या देरी नहीं बर्दाश्त की जाएगी।

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