गाजियाबाद, 23 जनवरी 2026: यूपी की राजधानी दिल्ली से सटे गाजियाबाद में एक बार फिर खुले नालों ने मासूम की जान ले ली। मसूरी थाना क्षेत्र के माजरा झुंडपुरा गांव में बुधवार दोपहर करीब 3:30-4 बजे 11 वर्षीय आहिल (पुत्र जाहिद) घर के पास अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। अचानक उसका पैर फिसला और पास में बने खुले नाले (लगभग ढाई फीट गहरा) में जा गिरा। नाले में पानी और गंदगी भरी होने से बच्चा बाहर नहीं निकल सका।
दूसरे बच्चों ने शोर मचाया, ग्रामीणों ने उसे बाहर निकाला और बेहोशी की हालत में पिलखुआ के अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पूरे गांव में शोक की लहर है, परिजन रो-रोकर बुरा हाल हैं। आहिल को पहले से कुछ स्वास्थ्य समस्याएं थीं, जिससे वह दौरों से भी ग्रस्त रहता था, लेकिन इस हादसे ने सब कुछ खत्म कर दिया।
खुले नाले की लापरवाही – मौत का जाल
ग्रामीणों का आरोप है कि यह नाला सालों से बिना ढके खुला पड़ा है। नगर निगम और प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। इलाके में ऐसे कई खुले नाले हैं, जो बच्चों के लिए ‘मौत के कुएं’ बन चुके हैं। पिछले कुछ सालों में गाजियाबाद के विभिन्न इलाकों में खुले नालों में गिरकर दर्जनों बच्चे और बड़े अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन सबक नहीं लिया गया।
परिजन और गांव वाले कह रहे हैं “खेलने की उम्र में बच्चा खेल रहा था, लेकिन प्रशासन की लापरवाही ने उसकी जिंदगी छीन ली। नाले ढकवाए जाएं, स्लैब लगवाए जाएं इतनी छोटी मांग भी नहीं मानी जा रही!”
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
मसूरी पुलिस ने मामला दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है। लेकिन ग्रामीणों की मांग है कि सिर्फ जांच नहीं, स्थायी समाधान चाहिए सभी खुले नालों को कवर करवाया जाए ताकि कोई और मासूम न मरे।




