जौनपुर में MBBS की सनक ने एक युवक को इतनी हद तक ले जाकर रख दिया कि उसने खुद अपने पैर का पंजा काट डाला – सिर्फ दिव्यांग कोटा हासिल करने के लिए! लेकिन उसकी गर्लफ्रेंड ने ही पूरी साजिश की पोल खोल दी। आइए जानते हैं जौनपुर के सूरज भास्कर की इस हैरतअंगेज कहानी को विस्तार से, अलग-अलग शब्दों में…
सूरज की महत्वाकांक्षा और प्लानिंग
जौनपुर के लाइन बाजार थाना क्षेत्र के खलीलपुर गांव का रहने वाला सूरज भास्कर NEET की तैयारी कर रहा था। उसका सपना था कि 2026 में MBBS में एडमिशन ले ले। लेकिन सामान्य कैटेगरी में रैंक लाना मुश्किल लग रहा था, इसलिए उसने दिव्यांग कोटा का रास्ता चुना। समस्या ये थी कि वह असल में दिव्यांग नहीं था।
पिछले साल (2025 में) उसने वाराणसी के BHU अस्पताल जाकर दिव्यांग प्रमाण-पत्र बनवाने की कोशिश की, लेकिन डॉक्टरों ने मना कर दिया क्योंकि कोई शारीरिक कमी नहीं थी। यहां से सूरज ने खतरनाक फैसला लिया – खुद को ही दिव्यांग बना लूंगा!
खौफनाक साजिश अमल में
गुरुवार की रात सूरज ने प्लान पूरा किया। उसने पहले एनेस्थीसिया (दर्द निवारक) के इंजेक्शन खुद लगाए ताकि दर्द सहन हो सके। फिर ग्राइंडर (चक्की जैसी मशीन) की मदद से अपने बाएं पैर का पंजा काट डाला। इतना करने के बाद उसने खुद को घायल दिखाने के लिए एक झूठी कहानी गढ़ी दावा किया कि कुछ अज्ञात लोगों ने रात में उस पर हमला किया, मारपीट की और जब वह बेहोश होकर उठा तो पैर का पंजा गायब था।
परिजनों ने इसे गंभीर अपराध मानकर पुलिस में तहरीर दी। लाइन बाजार पुलिस ने दो अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया और जांच शुरू की।
पुलिस जांच में सूरज फंसता गया
पुलिस को शुरू से ही शक था क्योंकि सूरज बार-बार अपना बयान बदल रहा था। जांच में CCTV, मोबाइल टावर लोकेशन और कॉल डिटेल्स चेक की गईं। पता चला कि उस रात आसपास कोई दूसरा मोबाइल एक्टिव नहीं था – यानी कोई हमलावर नहीं आया था। खेत से कुछ इस्तेमाल किए गए एनेस्थीसिया इंजेक्शन भी बरामद हुए।
पुलिस ने सूरज की गर्लफ्रेंड को थाने बुलाया। पूछताछ में गर्लफ्रेंड ने खुलासा कर दिया कि सूरज MBBS में एडमिशन के लिए बेताब था और उसने प्रेमिका को अपना पूरा प्लान बता रखा था – खुद को दिव्यांग बनाकर कोटा लेने का। गर्लफ्रेंड की गवाही से पूरी साजिश सामने आ गई।
पुलिस का बयान और आगे की कार्रवाई
सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता ने बताया कि सूरज ने दर्द से बचने के लिए एनेस्थीसिया इंजेक्शन लगाए और फिर खुद ग्राइंडर से पैर काटा। पुलिस ने उसे तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से बेहतर इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। इलाज चल रहा है। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद सूरज का विस्तृत बयान दर्ज होगा और उसके खिलाफ धोखाधड़ी, स्व-क्षति, पुलिस को गुमराह करने जैसे कई गंभीर धाराओं में केस चलेगा।





