अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर केशव मौर्य का नरम रुख, ‘पूज्य शंकराचार्य जी’ कहकर संबोधित किया

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और प्रशासन के बीच चल रहे विवाद के बीच उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सुलह के संकेत मिलते नजर आ रहे हैं। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को “पूज्य शंकराचार्य जी” कहकर संबोधित किया और कहा कि वे अच्छे से स्नान करें और इस विषय को यहीं समाप्त करें।

डिप्टी सीएम का यह बयान ऐसे समय आया है, जब एक ओर प्रयागराज मेला प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को नोटिस जारी किया है, वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार और प्रशासन का रुख इस पूरे मामले में सख्त माना जा रहा था। ऐसे में केशव मौर्य की यह टिप्पणी राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है।

दरअसल, जब मीडिया ने केशव प्रसाद मौर्य से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने बिना किसी टकराव वाले शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि इस मुद्दे को आगे न बढ़ाया जाए। उनके इस बयान को विवाद को शांत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

क्या है पूरा विवाद

प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के दौरान मौनी अमावस्या स्नान को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और मेला प्रशासन आमने-सामने आ गए थे। प्रशासन ने उन्हें पालकी पर सवार होकर स्नान के लिए जाने से रोक दिया था। इसके बाद उनके समर्थकों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।

इस घटना से नाराज होकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने धरना शुरू कर दिया, जिसके बाद मामला लगातार तूल पकड़ता चला गया और प्रशासनिक कार्रवाई तक पहुंच गया।

नोटिस और सुविधाओं को लेकर बढ़ा विवाद

विवाद के बीच प्रयागराज प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को नोटिस जारी किया। प्रशासन का कहना है कि शंकराचार्य पद से जुड़ा मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, ऐसे में वे खुद को आधिकारिक तौर पर शंकराचार्य कैसे लिख सकते हैं। इस नोटिस के बाद मेले में दी जा रही सुविधाओं को लेकर भी नया विवाद खड़ा हो गया।

सीएम योगी के बयान से बढ़ी सियासी गर्मी

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी बयान सामने आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि एक संत और संन्यासी के लिए धर्म और राष्ट्र सर्वोपरि होते हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि धर्म की आड़ में सनातन को कमजोर करने की साजिश करने वालों से सतर्क रहना होगा। इस बयान को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर अप्रत्यक्ष हमला माना गया।

अब केशव प्रसाद मौर्य के नरम और सम्मानजनक शब्दों के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या सरकार और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच चल रही नाराजगी खत्म होने की ओर है।

[acf_sponsor]