हरदोई जिले के संडीला थाना क्षेत्र के पिरकापुर गांव में दहेज उत्पीड़न का एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। शादी में लगभग 20 लाख रुपये खर्च करने और कर्ज लेकर क्रेटा कार देने के बावजूद ससुराल पक्ष ने अतिरिक्त दहेज की मांग की, जिसके चलते विवाहिता ज्योत्सना सिंह पर जानलेवा हमला किया गया। पति, सास, ससुर और ननद पर गंभीर आरोप लगे हैं।
घटना की पूरी कहानी:
पीड़िता ज्योत्सना सिंह ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनकी शादी में मायके पक्ष ने अपनी पूरी हैसियत से दान-दहेज दिया था, जिसमें 20 लाख रुपये का खर्च आया और ससुराल की मांग पर क्रेटा कार भी कर्ज लेकर दी गई। शादी के कुछ समय बाद ही पति विशाल सिंह, ससुर महेन्द्र प्रताप सिंह, सास रक्षा सिंह और ननद शिवानी सिंह ने अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी।
एक वर्ष पहले दो लाख रुपये देने के बावजूद उन्होंने आठ लाख रुपये और मांगे। मांग पूरी न होने पर मारपीट की गई। दिवाली (25 अक्टूबर 2024) के दिन गाली-गलौज और मारपीट के बाद पीड़िता को मायके भेज दिया गया।
11 जनवरी 2026 को ज्योत्सना अपने चचेरे भाई मयंक सिंह के साथ ससुराल पहुंचीं, जहां सफाई के बहाने कमरे में गईं। कमरे का ताला टूटा मिला और शादी के जेवर गायब थे। पूछताछ करने पर सास-ननद ने गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की, जबकि पति विशाल सिंह ने भी उनका साथ दिया। बीच-बचाव करने आए भाई मयंक पर लाठी-डंडों से हमला किया गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। इस दौरान पीड़िता की सोने की चेन भी छीन ली गई।
घटना के दौरान अन्य भाई गवाह बने। पीड़िता ने संडीला थाना में रिपोर्ट दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
यह मामला दहेज की क्रूरता और परिवार में महिलाओं के साथ हो रही हिंसा का एक और उदाहरण है, जो समाज में गहरी जड़ें जमाए हुए है।




