लखीमपुर खीरी से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां जिला कलेक्ट्रेट के अटल सभागार में आयोजित महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक अचानक विवादों में घिर गई। मामला तब गरमा गया जब सदर विधायक योगेश वर्मा को बैठक में बैठने के लिए कुर्सी नहीं मिली। इस घटना से नाराज होकर विधायक ने सभागार से बाहर निकल जाने का फैसला किया।
जानकारी के अनुसार, जिले के प्रभारी मंत्री नितिन अग्रवाल रविवार दोपहर को लखीमपुर पहुंचे थे। बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा और विकसित भारत 2047 – जी0 राम जी0 योजना से जुड़े मुद्दों पर चर्चा प्रस्तावित थी। शुरू में सभागार में कुर्सियां पर्याप्त थीं, लेकिन मंत्री के देर से पहुंचने पर अचानक भीड़ बढ़ गई। इससे कुर्सियां कम पड़ गईं और कई लोगों को जगह नहीं मिली। इसी दौरान सदर विधायक योगेश वर्मा को भी कोई सीट उपलब्ध नहीं हुई, जिससे वे बेहद नाराज हो गए और गुस्से में सभागार छोड़कर बाहर चले गए।
हालांकि, बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने विधायक योगेश वर्मा से मान-मनौव्वल की और उन्हें मनाने में सफल रहे। कुछ समय बाद विधायक दोबारा अटल सभागार लौटे और कार्यक्रम में शामिल हो गए।
इस घटना का असर इतना ज्यादा हुआ कि योजना से संबंधित प्रस्तावित प्रेस वार्ता भी प्रभावित हो गई।
फिलहाल यह पूरा मामला जिले में जोरों से चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इसे विधायक की प्रतिष्ठा और प्रशासन की व्यवस्था से जोड़कर देख रहे हैं। कई लोग मान रहे हैं कि ऐसी छोटी-छोटी बातों से बड़े कार्यक्रम प्रभावित होने से बचना चाहिए, वहीं कुछ का कहना है कि जनप्रतिनिधियों का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए।





