राजा भैया के इलाके में बड़ा सियासी खेल? अखिलेश यादव–शैलेंद्र कुमार मुलाकात के मायनेउत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है।

Akhilesh Yadav Shailendra

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और कौशाम्बी से तीन बार सांसद व दो बार विधायक रह चुके शैलेंद्र कुमार पासी ने 5 जनवरी को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद सियासी गलियारों में अटकलों का दौर शुरू हो गया है।


शैलेंद्र कुमार पासी को लंबे समय से रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया का करीबी और उनका ‘दाहिना हाथ’ माना जाता रहा है। ऐसे में अखिलेश यादव से उनकी मुलाकात को सामान्य शिष्टाचार भेंट मानने को कई लोग तैयार नहीं हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुलाकात कौशाम्बी और आसपास के इलाकों में बड़े राजनीतिक समीकरणों की भूमिका बन सकती है।
हालांकि सार्वजनिक तौर पर इस मुलाकात को औपचारिक बताया जा रहा है, लेकिन चर्चा यह भी है कि शैलेंद्र कुमार पासी जल्द ही राजा भैया की पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक से दूरी बनाकर समाजवादी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तो यह कदम कौशाम्बी ही नहीं बल्कि पूर्वांचल और मध्य यूपी की राजनीति में भी बड़ा असर डाल सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश यादव 2027 की रणनीति के तहत उन इलाकों में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं, जहां अब तक समाजवादी पार्टी की पकड़ कमजोर मानी जाती रही है। राजा भैया के प्रभाव वाले क्षेत्र में किसी करीबी नेता की सपा से नजदीकी, इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।


फिलहाल आधिकारिक ऐलान का इंतजार है, लेकिन इतना तय है कि यह मुलाकात आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति को नई दिशा दे सकती है।

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