कोडीन कफ सिरप मामले पर अखिलेश यादव का सरकार पर तीखा हमला, ED–CBI की भूमिका पर उठाए सवाल!

अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के चर्चित कोडीन कफ सिरप मामले को लेकर योगी सरकार और केंद्रीय एजेंसियों पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) जैसी एजेंसियां निष्पक्ष होकर काम नहीं कर रहीं और केवल उन्हीं राज्यों में सक्रिय होती हैं, जहां चुनाव होने वाले होते हैं।


पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा,


“कोडीन वाले भाइयों ने 800 करोड़ रुपये जुटा लिए, लेकिन न तो उनके यहां ED जा रही है और न ही CBI। आखिर ये एजेंसियां सिर्फ चुनाव वाले राज्यों में ही क्यों सक्रिय हो जाती हैं?”
उन्होंने सवाल उठाया कि इतने बड़े कथित घोटाले के बावजूद रसूखदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हो रही।
बीजेपी–सपा के बीच जुबानी जंग
नशीली कफ सिरप के अवैध कारोबार को लेकर भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच लंबे समय से राजनीतिक टकराव जारी है। बीते साल दिसंबर में विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान भी सपा विधायकों ने इस मुद्दे पर सदन के भीतर और बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था।
सरकार का पक्ष: SIT गठित, सैकड़ों पर कार्रवाई

  • मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने 19 दिसंबर को जानकारी दी थी कि इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है, जिसमें पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी शामिल हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार अब तक:
  • 79 मामले दर्ज किए गए हैं
  • 225 लोगों के नाम सामने आए हैं
  • 78 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है
  • 134 कंपनियों पर छापेमारी की गई है
  • 1,000 से अधिक सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं


ED की कार्रवाई क्या रही?


अधिकारियों के मुताबिक Enforcement Directorate ने मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है। दिसंबर में ED ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ, वाराणसी, जौनपुर, सहारनपुर के अलावा रांची और अहमदाबाद में 25 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की थी। इन ठिकानों में शुभम जायसवाल, उसके सीए विष्णु अग्रवाल और यूपी पुलिस के बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह सहित कई सहयोगियों के ठिकाने शामिल थे।


राजनीतिक आरोप–प्रत्यारोप तेज


इस पूरे मामले पर सियासत तेज हो गई है। जहां सपा प्रमुख अखिलेश यादव केंद्रीय एजेंसियों की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं सरकार का दावा है कि जांच निष्पक्ष और लगातार जारी है। आने वाले दिनों में यह मामला उत्तर प्रदेश की राजनीति में और गर्माने के संकेत दे रहा है

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