कैलेंडर बदल गया, साल 2025 लगभग गुजर चुका है, लेकिन मेरठ के शास्त्रीनगर का वह बंद मकान और उसमें छिपी खौफनाक कहानी आज भी लोगों के जेहन से नहीं उतरी है। यह मामला है सौरभ राजपूत हत्याकांड का, जिसने न सिर्फ मेरठ बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। ‘नीला ड्रम’ अब सिर्फ एक रंग नहीं, बल्कि एक खौफनाक याद बन चुका है।
यह वही मामला है जिसमें पत्नी मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर पति सौरभ राजपूत की बेरहमी से हत्या कर दी थी। हत्या के बाद शव के 15 टुकड़े कर उन्हें नीले ड्रम में सीमेंट से सील कर दिया गया था।
26 फरवरी से शुरू हुई खौफनाक कहानी
इस क्राइम थ्रिलर की शुरुआत 26 फरवरी 2025 को हुई, जब पूर्व मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत लंदन से मेरठ लौटा था। वह अपनी पत्नी मुस्कान के लिए तोहफे लेकर आया था, लेकिन उसे अंदाजा भी नहीं था कि उसी घर में उसके लिए मौत की साजिश रची जा चुकी है।
4 मार्च 2025 की रात मुस्कान और साहिल ने सौरभ को नशीला पदार्थ देकर बेहोश किया और फिर चाकू से उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव के 15 टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में भरकर सीमेंट से बंद कर दिया गया।
लाश घर में, आरोपी पहाड़ों में
हत्या के बाद मुस्कान और साहिल 5 से 17 मार्च तक शिमला-मनाली घूमते रहे। सोशल मीडिया पर रील्स बनती रहीं, खुशी दिखाई जाती रही, जबकि सौरभ का शव उसी घर में सड़ता रहा। इस दौरान मुस्कान ने अपने परिवार से भी संपर्क तोड़ लिया, जिससे शक गहराने लगा।
17 मार्च की रात मुस्कान ने अपनी मां को वीडियो कॉल कर रोते हुए कहा कि वह घर आकर सब बताएगी। पहले उसने सौरभ के परिवार पर हत्या का आरोप लगाया, लेकिन सख्ती से पूछताछ के बाद पूरी सच्चाई सामने आ गई।
चार्जशीट, गवाह और कोर्ट की कार्रवाई
13 मई 2025 को पुलिस ने इस मामले में करीब 1000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। कुल 36 गवाह बनाए गए, जिनमें दुकानदार, पुलिसकर्मी और खुद मुस्कान के माता-पिता भी शामिल हैं। माता-पिता ने अदालत में बेटी के खिलाफ गवाही दी और उससे सारे रिश्ते तोड़ लिए। मामला अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रहा है और लगभग हर तारीख पर सुनवाई आगे बढ़ रही है।
जेल में नई चाल और LLB की मांग
जेल में बंद मुस्कान ने खुद अपना केस लड़ने के लिए LLB करने की अनुमति मांगी है। हालांकि, अब तक कोर्ट ने इसकी इजाजत नहीं दी है। पुलिस और अभियोजन पक्ष का कहना है कि यह भी एक कानूनी रणनीति हो सकती है।
प्रेग्नेंसी और बच्ची ने बढ़ाई जटिलता
गिरफ्तारी के समय मुस्कान गर्भवती थी। 24 नवंबर 2025 को उसने जेल में एक बेटी को जन्म दिया, जिसका नाम राधा रखा गया। सौरभ के परिवार ने बच्ची का DNA टेस्ट कराने की मांग की है। परिवार का कहना है कि अगर बच्ची सौरभ की हुई तो वे उसकी कस्टडी लेंगे, लेकिन अगर पिता साहिल निकला तो वे जिम्मेदारी नहीं लेंगे।
2025 के सबसे काले अध्यायों में दर्ज
फिलहाल, बच्ची छह साल तक मां के साथ जेल में रहेगी। आगे उसका भविष्य क्या होगा, यह सवाल अभी खुला है। एक ओर सौरभ का परिवार आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग कर रहा है, तो दूसरी ओर मुस्कान जेल में रहकर कानूनी रास्ते तलाश रही है।
मेरठ का यह नीला ड्रम हत्याकांड साल 2025 के सबसे स्याह और डरावने मामलों में दर्ज हो चुका है, जिसे शायद ही कोई कभी भूल पाए।





