प्रयागराज माघ मेले में समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की प्रतिमा स्थापना को लेकर चल रहा विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। प्रयागराज मेला प्राधिकरण की ओर से नोटिस जारी होने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि माघ मेले में स्थित मुलायम सिंह यादव स्मृति सेवा संस्थान के शिविर में नेताजी की प्रतिमा नहीं लगाई जाएगी।
इसके स्थान पर अब शिविर की यज्ञशाला में राधा और कृष्ण की मूर्ति स्थापित कर दी गई है। इसकी जानकारी माघ मेले का निरीक्षण करने पहुंचे नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने दी। उन्होंने कहा कि मेला प्रशासन और कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
माता प्रसाद पांडेय ने इस पूरे मामले को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछली बार कुंभ मेले में मुलायम सिंह यादव की प्रतिमा लगाई गई थी, लेकिन अब समाजवादी पार्टी के बढ़ते प्रभाव से सरकार घबराई हुई है। इसी वजह से शिविर के संस्थापक और सपा नेता संदीप यादव के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज कराए गए और उन पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई की गई।
सरकार के दावों पर उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें माघ मेले के आयोजन को लेकर खर्च का जिक्र किया गया था। माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि सरकार यह दावा कर रही है कि 100 करोड़ रुपये में मेला हो रहा है, जबकि हकीकत यह है कि इतनी राशि खर्च होने के बावजूद व्यवस्थाएं पूरी नहीं हो पाई हैं। उनका आरोप था कि सरकार मेला प्रबंधन ठीक से नहीं कर पा रही है।
उन्होंने महाकुंभ के आयोजन का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन खुद वह महाकुंभ में अंदर तक नहीं जा सके और अरैल से ही लौटना पड़ा था।
साधु-संतों की नाराजगी पर भी बयान
माघ मेले में साधु-संतों के विरोध और नाराजगी को लेकर माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि कारण चाहे जो भी हो, लेकिन इससे यह साफ है कि सरकार की तैयारियां अधूरी हैं। उन्होंने कहा कि मेले में विरोध आम लोग नहीं बल्कि साधु-संत कर रहे हैं, और सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए।
शिविर में धार्मिक आयोजन और सुविधाएं जारी रहेंगी
नेता प्रतिपक्ष ने स्पष्ट किया कि मुलायम सिंह यादव स्मृति सेवा संस्थान के शिविर में कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं हो रहा है। अब शिविर में राधा-कृष्ण की मूर्ति के साथ धार्मिक आयोजन किए जाएंगे। साथ ही श्रद्धालुओं के ठहरने और भंडारे की भी पूरी व्यवस्था की गई है।
संदीप यादव को बताया राजनीतिक कार्यकर्ता
सपा नेता संदीप यादव के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि संदीप यादव कोई गुंडा नहीं बल्कि एक राजनीतिक कार्यकर्ता हैं और शहर उत्तरी विधानसभा से चुनाव भी लड़ चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संदीप यादव पर दर्ज मुकदमे लोकतांत्रिक आंदोलनों से जुड़े हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे ही मुकदमे पहले योगी आदित्यनाथ और केशव प्रसाद मौर्य पर भी दर्ज रहे हैं।
माता प्रसाद पांडेय ने भाजपा सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि सपा कार्यकर्ताओं को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है।





