फिरोजाबाद जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। नारखी थाना क्षेत्र के नगला सोंठ स्थित गिर्राज पेट्रोल पंप पर दो कर्मचारी रात भर काम करने के बाद परिसर में ही सो गए थे। सुबह जब वे नहीं उठे, तो जांच में पता चला कि दोनों की मौत हो चुकी है। शुरुआती जांच में जनरेटर से निकलने वाले जहरीले धुएं से दम घुटने का शक जताया जा रहा है।
घटना की पूरी कहानी
दोनों युवक पेट्रोल पंप पर ड्यूटी पूरी करने के बाद थकान के कारण वहीं एक कमरे में आराम करने चले गए। कमरे में जनरेटर चल रहा था, जो रात भर धुआं फैलाता रहा। सुबह अन्य कर्मचारियों ने उन्हें जगाने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
मृतकों की पहचान इटावा जिले के बेतपुरा थाना क्षेत्र के रूपपुरा गांव निवासी सागर (26 वर्ष, पुत्र जड़ेल सिंह) और मोहित (27 वर्ष, पुत्र राजेंद्र) के रूप में हुई है। दोनों युवक लंबे समय से इस पंप पर काम कर रहे थे।
पुलिस की कार्रवाई
थाना नारखी की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और फोरेंसिक विशेषज्ञों के साथ जांच शुरू की। शवों को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखा गया है। थानाध्यक्ष राकेश कुमार गिरी ने बताया कि मौत का मुख्य कारण जनरेटर का धुआं लग रहा है, लेकिन अंतिम रिपोर्ट पोस्टमार्टम के बाद ही आएगी।
पुलिस पंप के मालिक और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है। परिवार वाले भी मौके पर पहुंचे और गमगीन नजर आए। यह घटना सुरक्षा मानकों की कमी को उजागर करती है, क्योंकि ऐसे बंद कमरों में जनरेटर चलाना जानलेवा साबित हो सकता है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
ऐसे हादसों में कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी गैस सबसे बड़ा खतरा होती है, जो बिना सूंघे दम घोंट देती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि जनरेटर हमेशा खुले स्थान पर चलाएं और सोने के कमरों से दूर रखें।
यह घटना फिरोजाबाद में पिछले कुछ महीनों की दूसरी ऐसी मौत है, जो सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि पेट्रोल पंपों पर सख्त जांच हो।





