नए साल की शुरुआत में एक दुखद और विचारोत्तेजक खबर सामने आई है। अमरोहा के चुचैला कलां गांव की 19 वर्षीय नीट aspirant इलमा कुरैशी की दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिवार का दावा है कि बर्गर और नूडल्स जैसे फास्ट फूड में इस्तेमाल होने वाली पत्ता गोभी से कीड़े दिमाग में पहुंच गए, जिससे 20 से ज्यादा गांठें बन गईं। लेकिन मेडिकल एक्सपर्ट्स इस दावे को मिथक बता रहे हैं।
क्या हुआ इलमा के साथ?
- इलमा को एक महीने पहले सिर दर्द की शिकायत हुई। शुरुआती इलाज से आराम मिला, लेकिन फिर दर्द बढ़ गया।
- नोएडा और दिल्ली के प्राइवेट अस्पतालों में जांच में दिमाग में गांठें मिलीं।
- 18 दिसंबर के बाद हालत बिगड़ी, RML अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां गांठों की संख्या 20 से ज्यादा हो गई।
- सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई।
- पिता नदीम कुरैशी (नोएडा में कबाड़ का काम करते हैं) ने बताया कि डॉक्टरों ने पत्ता गोभी में मौजूद कीड़े को वजह बताया, जो फास्ट फूड (बर्गर, नूडल्स) से दिमाग में पहुंचा।
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. राहुल कुमार ने भी कहा कि पत्ता गोभी या नॉन-वेज से ऐसे कीड़े दिमाग में गांठें बना सकते हैं। 15 साल पुराना एक केस भी उदाहरण दिया।
मेडिकल सच्चाई: न्यूरोसिस्टिसर्कोसिस क्या है?
यह बीमारी पोर्क टेपवॉर्म (Taenia solium) के अंडों से होती है, जो खराब सैनिटेशन, दूषित पानी या कच्चे/अंडरकुक्ड पोर्क से फैलती है।
- अगर सब्जियां (पत्ता गोभी सहित) मानव मल से दूषित हों और अच्छे से न धोई जाएं, तो अंडे शरीर में प्रवेश कर सकते हैं।
- ये अंडे आंतों से होते हुए खून के जरिए दिमाग पहुंचकर सिस्ट (गांठें) बनाते हैं।
- लेकिन सीधे “पत्ता गोभी का कीड़ा” दिमाग में जाता है – यह मिथक है। एक्सपर्ट्स (PGI चंडीगढ़, WHO आदि) कहते हैं कि यह मुख्य रूप से पोर्क और खराब हाइजीन से होता है, न कि सिर्फ गोभी से।
- भारत में स्वच्छ भारत अभियान से ऐसे केस कम हुए हैं।
फास्ट फूड का असली खतरा क्या?
हालिया अमरोहा की ही एक अन्य छात्रा (अहाना) की मौत को भी फास्ट फूड से जोड़ा गया, लेकिन डॉक्टर्स ने कहा कि इंटेस्टाइन डैमेज हुआ था – जंक फूड से पाचन तंत्र कमजोर होता है, लेकिन मौत की डायरेक्ट वजह नहीं। फास्ट फूड के ज्यादा सेवन से:
- पेट की समस्याएं, एसिडिटी, मोटापा, डायबिटीज।
- लंबे समय में इम्यूनिटी कमजोर, इंफेक्शन का खतरा बढ़ता है।
- लेकिन दिमाग में सिस्ट सीधे जंक फूड से नहीं बनते।
बचाव के उपाय
- सब्जियां अच्छे से धोएं (नमक या सिरके के पानी में) और पकाकर खाएं।
- फास्ट फूड सीमित रखें, घर का खाना प्राथमिकता दें।
- सिर दर्द, दौरे या उल्टी जैसे लक्षण हों तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं (MRI/CT स्कैन)।
- अच्छी सैनिटेशन और हाइजीन बनाए रखें।




