उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में एक बेहद क्रूर अपहरण और हत्या का मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। कपड़ा व्यापारी अशोक केसरवानी के 13 वर्षीय बेटे आयुष केसरवानी (उर्फ छोटू) का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई। मुख्य आरोपी इरफान अंसारी, जो परिवार का पूर्व किराएदार था, ने सिर्फ 5 हजार रुपये के बकाया और मकान खाली कराने की रंजिश में यह साजिश रची। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि इरफान ने जानबूझकर व्यापारी के घर के बगल में ही कमरा किराए पर लिया और दुकान खोलकर निगरानी रखी थी।
रंजिश की वजह: 5 हजार का बकाया और मकान खाली कराना
इरफान अंसारी प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र के कर्मा गांव का निवासी है। वह ढाई साल से अशोक केसरवानी के घर में किराएदार था। दोनों के बीच पहले अच्छे संबंध थे। छह महीने पहले इरफान ने अपनी शादी के लिए अशोक से 25 हजार रुपये उधार लिए थे। इसके अलावा पिछले सात महीनों से वह मकान का किराया नहीं दे रहा था।
व्यापारी के बार-बार मांग करने पर इरफान ने तीन किस्तों में 41 हजार रुपये चुकाए, लेकिन 5 हजार रुपये का भुगतान नहीं कर पाया। दिसंबर के पहले सप्ताह में, खासकर 10 दिसंबर को, अशोक ने इरफान से मकान खाली करा लिया। यह बात इरफान को इतनी नागवार गुजरी कि उसने बदला लेने की ठान ली।
रंजिश के चलते इरफान ने जानबूझकर पड़ोस में (केदार केसरवानी के यहां) कमरा किराए पर लिया और दुकान खोल ली। इसी दुकान से वह अशोक के बेटों पर नजर रखता रहा और साजिश रची।
अपहरण और हत्या की साजिश
आरोपी इरफान ने अपने कर्मचारी (कल्लू उर्फ साहिबे) के साथ मिलकर योजना बनाई। गुरुवार शाम को आयुष को बाइक चलाना सिखाने के बहाने बुलाया गया। बच्चे को अगवा कर गला दबाकर मार डाला और शव को बक्से में बंद कर शौचालय के हौद में दफना दिया। फिरौती के लिए 40 लाख रुपये की मांग की गई, लेकिन परिवार जुटा नहीं पाया।
पुलिस को मोबाइल फोन से क्लू मिला। छीने गए एक मोबाइल की जांच से सिम का मालिक नत्थू निकला, जिसने बताया कि मोबाइल छीना गया था। सर्विलांस से आरोपी पकड़े गए।
एनकाउंटर में एक आरोपी ढेर
पुलिस मुठभेड़ में आरोपी कल्लू को मार गिराया। कल्लू कई मामलों में वांछित था – प्रयागराज के घूरपुर में 2020 से हत्या, छेड़खानी, मारपीट जैसे केस; पीलीभीत में भी अपहरण-हत्या का मुकदमा। इरफान का भाई नौशाद और बहनोई शानू बरगढ़ में बस चुके थे। नौशाद चूड़ी-विसात की दुकान चलाता था और कल्लू को दुकान पर रखा था।




