
आगरा में इलाज के नाम पर तांत्रिक की हरकतें हैरान करने वाली हैं। आरोपी ने 17 साल की नाबालिग को यह कहकर अपने कब्जे में ले लिया कि उसके पेट में “जिन्न का बच्चा” पल रहा है। वह छह महीने की प्रेग्नेंट है। तांत्रिक ने दावा किया कि बच्चा तब ही खत्म होगा ,जब लड़की उसी प्रक्रिया से गुजरेगी, “जिस तरह जिन्न ने उसके साथ किया।”
इसी बहाने उसने उसे दो दिनों तक बंद कमरे में रखा, कपड़े उतरवाए और शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की। विरोध करने पर तांत्रिक ने वीडियो वायरल करने की धमकी दी। लड़की किसी तरह वहां से निकली और 22 दिसंबर को अपनी बहन को सब बताया। 31 दिसंबर को एफआईआर दर्ज हुई।
16 दिसंबर को तांत्रिक गांव पहुंचा। ढोल-नगाड़ों की भीड़ में उसने पीड़िता के दादा को कुछ खिला दिया, जिससे उन्हें अचानक तेज सिरदर्द होने लगा। इसके बाद वह घर पहुंचा और दावा किया कि परिवार पर “भूत-प्रेत” का साया है। घरवाले डर गए।
अगले दिन तांत्रिक फिर 10–15 लोगों के साथ आया और जाते-जाते लड़की की “प्रेग्नेंसी” की कहानी सुना गया। डॉक्टर के पास ले जाने की बात पर उसने चेतावनी दी- डॉक्टर इलाज नहीं, खतरा बन जाएंगे। उसने परिवार को अपने ठिकाने जगदीशपुर, अमरपुरा ट्रांसफर वाली गली आने को कहा।
20 दिसंबर को लड़की को दो लोग लेकर वहां पहुंचे। तांत्रिक ने एक महिला को “दाई” बताकर बुलाया। दावा किया कि उसे 40 साल का अनुभव है। दाई ने लड़की को कमरे में बंद किया और कहने लगी कि इलाज के लिए कपड़े उतारने पड़ेंगे। लड़की के मना करने पर दोनों ने दबाव बनाकर उसके कपड़े जबरन उतरवा दिए। फिर तांत्रिक ने उसे पकड़कर संबंध बनाने की कोशिश की और मोबाइल से वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया।
लड़की ने विरोध किया तो तांत्रिक ने धमकी दी कि अगर वह उसकी बात नहीं मानेगी, तो घरवालों को बता देगा कि उसके पेट में पल रहा बच्चा गांव के किसी लड़के का है। लड़की ने साफ कहा कि चाहे कुछ भी आरोप लगा दो, वह कोई गलत काम नहीं करेगी। इसके बाद वह जोर-जोर से चिल्लाने लगी। पीड़िता की मां के अनुसार, बाहर मौजूद लोगों को बताया गया कि “जिन्न उतारा जा रहा है”, इसलिए लड़की चिल्ला रही है।
दो दिन तक उसे उसी कमरे में बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उसे नशीला पानी पिलाया जाता रहा, जिससे वह बेहोशी जैसी स्थिति में रहती थी। साथ गए लोगों को पूरी प्रक्रिया पर शक हुआ और उन्होंने चोरी-छिपे लड़की के परिवार को फोन कर जानकारी दी।
21 दिसंबर को उसके माता-पिता आगरा पहुंचे और उसे वहां से निकालकर घर ले गए। इसके बाद 31 दिसंबर को थाना जगदीशपुरा में तहरीर दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, जबकि तांत्रिक और उसके सहयोगी फरार हैं।



