
चंदौली में एक 10 साल के लड़के की जान पतंग लूटने की ललक ने लगभग ले ही ली थी, लेकिन वह चमत्कारिक रूप से बच गया। तेज रफ्तार मालगाड़ी के करीब 40 डिब्बे उसके ऊपर से गुजर गए, लेकिन उसे खरोंच तक नहीं आई। लोग इसे किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे।
मामला सैयदराजा थाना क्षेत्र के सैयदराजा कस्बे का है। बुधवार को आजाद नगर वार्ड-9 का पीयूष केसरी अपने दोस्तों के साथ रेलवे फाटक के पास पतंग उड़ा रहा था। पतंग उड़ाते समय एक कटी पतंग दूर जा गिरी। पीयूष उसे लूटने के लिए दौड़ता हुआ डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) की डाउन लाइन तक पहुंच गया।
पतंग पकड़ने की जल्दी में उसका एक पैर पटरी में फंस गया। उसी समय सामने से तेज रफ्तार मालगाड़ी आ गई। ट्रेन को नजदीक आता देख पीयूष घबरा गया और जान बचाने के लिए पटरी के बीच औंधे मुंह लेट गया। देखते ही देखते मालगाड़ी उसके ऊपर से गुजर गई। पूरा मामला करीब 30 सेकेंड चला।
ट्रेन निकलने के बाद जब पीयूष सुरक्षित खड़ा हुआ तो आसपास खड़े लोग हैरान रह गए। इतनी बड़ी घटना के बावजूद उसे कोई चोट नहीं आई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ट्रेन के 40 डिब्बे उसके ऊपर से गुजरे, लेकिन वह बिल्कुल ठीक रहा। लोग सन्न रह गए और फिर राहत की सांस ली।
वीडियो में दिख रहा है कि ट्रेन गुजरते ही पीयूष भागता है, लेकिन बाद में लोगों ने उसे पकड़कर डांटा और कुछ ने पीट भी दिया। बच्चा रोने लगा और लोगों के गले लग गया।
पीयूष के पिता राजकुमार केसरी रिक्शा चलाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चे अक्सर पतंगबाजी में ट्रैक तक पहुंच जाते हैं, जो किसी दिन बड़ा हादसा बन सकता है।
उन्होंने प्रशासन से रेलवे फाटक के पास निगरानी बढ़ाने की मांग की है। इसके साथ ही बच्चों और अभिभावकों को जागरूक करने की जरूरत बताई, ताकि ऐसे हादसे दोबारा न हों।



