सुप्रिया श्रीनेत और दिलीप घोष को चुनाव आयोग ने दिया नोटिस

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चित्र : बीजेपी नेता दिलीप घोष और कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत्र।

नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने बुधवार को कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत और बीजेपी नेता दिलीप घोष को नोटिस दिया है। ये नोटिस उन्हें, उनके विवादित बयानों के लिए कारण दिया गया है। बता दें, श्रीनेत ने हिमाचल प्रदेश के मंडी से बीजेपी की उम्मीदवार कंगना रनौत के खिलाफ इंस्टाग्राम पर आपत्तिजनक पोस्ट कर विवाद खड़ा कर दिया है, तो वहीं दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ अपनी टिप्पणी के कारण मुश्किल में है।

चुनाव आयोग के पैनल ने दिलीप घोष और सुप्रिया श्रीनेत की टिप्पणियों को ‘अशोभनीय’ वाला पाया। चुनाव आयोग ने कहा कि प्रथम दृष्टया, दोनों टिप्पणियां आदर्श आचार संहिता और राजनीतिक दलों को चुनाव प्रचार के दौरान गरिमा बनाए रखने की सलाह का उल्लंघन करती हैं।

दोनों नेताओं को 29 मार्च की शाम तक कारण बताओ नोटिस का जवाब देने को कहा गया है। श्रीनेत के पोस्ट ने कंगना रनौत को भाजपा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद निशाना बनाया। उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया पर कुछ पैरोडी अकाउंट ने आपत्तिजनक पोस्ट किया था और उन्होंने एक्स पर इसकी सूचना दी थी।

अपने द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो में, कांग्रेस नेता ने कहा कि जैसे ही उन्हें पता चला, उन्होंने अपने अकाउंट से पोस्ट को हटा दिया। कई लोगों के पास मेरे फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट तक पहुंच है। उनमें से किसी ने आज एक बेहद अनुचित पोस्ट किया। जैसे ही मुझे पता चला, मैंने उस पोस्ट को हटा दिया। जो लोग मुझे जानते हैं, वे भी अच्छी तरह जानते हैं कि मैं कभी भी किसी महिला के प्रति व्यक्तिगत और अभद्र टिप्पणी नहीं कर सकती।

बीजेपी नेताओं ने जहां श्रीनेत और कांग्रेस पर निशाना साधा, वहीं कंगना रनौत ने भी श्रीनेत की पोस्ट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि हर महिला, चाहे वह किसी भी पृष्ठभूमि और पेशे से हो, सम्मान की हकदार है।

कंगना ने कहा था रनौत ने कहा कि महिला का पेशा चाहे जो भी हो, चाहे वह शिक्षिका हो, अभिनेत्री हो, पत्रकार हो, राजनेता हो या सेक्स वर्कर हो, सभी सम्मान की हकदार हैं। मैं खास तौर पर मंडी के बारे में की गई निंदनीय टिप्पणियों से दुखी हूं। हम सभी जो मंडी से आते हैं, टिप्पणियों से आहत हुए हैं।

दूसरी ओर, दिलीप घोष ने ममता पर हमला किया था और तृणमूल प्रमुख के माता-पिता पर सवाल उठाया था? पश्चिम बंगाल के पूर्व बीजेपी अध्यक्ष, जो वर्तमान में बर्धमान-दुर्गापुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, उन्होंने टीएमसी के नारे ‘बांग्ला निजेर मेये के चाय’ का मजाक उड़ाया था। उन्होंने कहा था, ‘जब वह गोवा जाती हैं, तो कहती हैं कि वह गोवा की बेटी हैं। त्रिपुरा में, वह कहती हैं कि वह त्रिपुरा की बेटी हैं। पहले वो स्पष्ट करें..’।

बीजेपी द्वारा स्पष्टीकरण मांगे जाने के बाद दिलीप घोष ने बुधवार को अपनी टिप्पणी के लिए यह कहते हुए माफी मांगी कि उनकी पार्टी और अन्य लोगों को उनके शब्दों के चयन पर संदेह है, घोष ने कहा, ‘अगर ऐसा है, तो मुझे इसके लिए खेद है।’

तो वहीं, बीजेपी प्रमुख जेपी नड्डा ने पश्चिम बंगाल के नेता से स्पष्टीकरण मांगते हुए एक नोटिस जारी किया। घोष को भेजे गए बीजेपी के नोटिस में कहा है, ‘आपकी टिप्पणी अभद्र, असंसदीय और हमारी पार्टी की परंपरा के खिलाफ है। पार्टी ऐसी टिप्पणियों की कड़ी निंदा करती है।’

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