यूपी के अंतिम चरण के चुनाव में बाबा VS भईया लड़ाई

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देश भर में लोकसभा चुनाव अब अपनी अंतिम पड़ाव पर हैं .6 चरण का चुनाव अब तक हो गया हैं। सातवें चरण का मतदान 1 जून को होना है ,ऐसे में सभी पार्टियां अपनी पूरी ताकत इस आखिरी चरण में जनता को रिझाने में झोक दी हैं ,इसी सिलसिले में जनसँख्या और लोक सभा सीट के संख्या के मामले देश का सबसे बड़ा सूबा उत्तर प्रदेश भी अपने सियासी तापमान के उफान पर हैं।

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यूपी के सियासी गलियारों में ये कहानी अब तेजी से चल रहा है कि पूर्वाचल की 29 सीटों पर बाबा VS भैया की लड़ाई तेज हो गई हैं। उत्तर प्रदेश की लोकसभा की 80 सीटें हर दल के लिए बहुत ही ज्यादा मायने रखती हैं. यही वजह है कि हर पार्टी अपनी ओर से एक-एक सीट पर अपने जीत का परचम लहराने के लिये अपनी पूरी ताकत लगाते हैं। पूर्वांचल की कुछ सीटों पर अभी वोटिंग नहीं हुई है और यहां सातवें चरण में एक जून को मतदान होने वाला है.जिसमें बीजेपी को ये डर सताने लगा है कि कही राजा भैया बीजेपी की बनी बनायीं खेल को बिगाड़ न दें। बीजेपी हाई कमान इस लिए अब पूरी तरीके से चौकन्ना हो गई हैं। माना जाता हैं कि राजा भैया की वजह से पूर्वांचल के सात परसेंट ठाकुर मतदाता कही बीजेपी से छिटक न जायें। लोकसभा चुनाव के शुरवात में ऐसा एक छड़ आया था जब लगा था कि बीजेपी के कद्दावर नेता अमित शाह से बेंगलुरु में मुलाकात कर जब राजा भैया लौटेंगे तो वह बीजेपी को समर्थन देंगे . हालांकि, फिर उन्होंने तटस्थ रहने का ऐलान कर दिया और कहा कि वह किसी भी दल को समर्थन नहीं देंगे. फिर कुछ दिनों खबर आई कि उन्होंने अपने समर्थकों से कहा है कि वे समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों को प्रतापगढ़, कौशाम्बी और मिर्जापुर जैसी सीटों पर समर्थन दें, लेकिन इन बातों को भी राजा भईया ने नकार दिया हैं लेकिन राजनैतिक गुरुवों का मानना हैं कि राजा भईया ने मौन रूप से सपा को कई सीटों पर समर्थन दे दिया हैं।

आइये अब बात करते है कि पूर्वाचल की राजनेतिक लड़ाई बाबा VS भईया कैसे हो गई। दरसल ये माना जाता है पूर्वाचल के ठाकुर मतदतावों की पहली पसंद योगी हैं लेकिन प्रतापगढ़ से ठाकुर राजनेतावो ने बड़ी संख्या में इस बार बीजेपी को वोट न देने बात कही है ऐसे अगर राजा भईया ने भी ठाकुर मतदतावों बीजेपी के खिलाफ जाने का फरमान सुना दिया तो बीजेपी को बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता हैं। जिसके चलते ये माना जा रहा हैं कि इस बार ठाकुर मतदाता योगी के तरफ रहेंगे या फिर राजा भैया के साथ मिलकर बीजेपी को हारने का काम करेंगे.

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