आतिशी ने बताया, CM केजरीवाल ने कैसे किया जेल से अपना पहला आदेश पारित

0
18

चित्र : आतिशी एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए।

नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को जेल से जारी अपने पहले आदेश में, केजरीवाल ने शहर के जल विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति को मजबूत करने के लिए टैंकर तैनात करने को कहा, क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी भीषण गर्मी की चपेट में है।

यह आदेश एक नोट के माध्यम से दिया गया जो देर शाम दिल्ली की जल मंत्री आतिशी को भेजा गया था। आम आदमी पार्टी ने कहा है कि नेतृत्व में कोई परिवर्तन नहीं होगा, भले ही इसका मतलब यह हो कि अरविंद केजरीवाल जेल से ही मुख्यमंत्री के रूप में काम करें।

बता दें कि आम आदमी पार्टी के प्रमुख को दिल्ली शराब नीति से जुड़े भ्रष्टाचार के एक मामले में गुरुवार को गिरफ्तार किया गया था और अगले दिन शहर की राउज एवेन्यू अदालत ने उन्हें 28 मार्च तक जांच एजेंसी की हिरासत में भेज दिया था।

आदेश में क्या कहा गया?

आतिशी ने रविवार सुबह एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सीएम केजरीवाल ने विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने मंत्री को यह भी सुझाव दिया कि यदि आवश्यकता हो तो वे उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना की मदद लें।

केजरीवाल ने अपने आदेश में कहा कि मुझे पता चला है कि दिल्ली के कुछ हिस्सों में लोगों को पानी और सीवर से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मैं इस बारे में चिंतित हूं। मेरे जेल में रहने के कारण लोगों को इन समस्याओं का सामना नहीं करना चाहिए। जिन जगहों पर पानी की कमी है, वहां टैंकरों की व्यवस्था की जानी चाहिए और अधिकारियों को उचित निर्देश जारी किए जाने चाहिए ताकि लोगों को किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े।

जेल से संदेश

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कल सभी से समाज के लिए काम करते रहने और किसी से भी नफरत नहीं करने का आग्रह किया था, यहां तक ​​कि सत्तारूढ़ भाजपा से भी नहीं। यह संदेश उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल ने पढ़ा।

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि भारत के अंदर और बाहर कई ताकतें हैं जो देश को कमजोर कर रही हैं। ऐसी कोई जेल नहीं है जो उन्हें लंबे समय तक सलाखों के पीछे रख सके। मैं जल्द ही बाहर आऊंगा और अपने वादे पूरे करूंगा।

क्या कहते हैं जेल के नियम?

दिल्ली की तिहाड़ जेल के एक पूर्व विधि अधिकारी का कहना है कि एक कैदी सप्ताह में केवल दो बार ही मुलाकात कर सकता है, जिससे केजरीवाल के लिए मुख्यमंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना मुश्किल हो जाएगा।

केजरीवाल के लिए कारावास के भीतर से शासन चलाना आसान बनाने का एकमात्र उपाय यह है कि उन्हें घर में नजरबंद कर दिया जाए। तो वहीं, उपराज्यपाल के पास किसी भी इमारत को जेल में बदलने का अधिकार है, और यदि केजरीवाल उन्हें नजरबंद करने के लिए राजी कर लेते हैं। तो इससे उन्हें दिल्ली सरकार के दिन-प्रतिदिन के कामकाज में मदद मिलेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here