प्रियंका चतुर्वेदी ने क्यों कहा, यहां तो ‘रूसी शैली का लोकतंत्र है’

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चित्र : शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी।

मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने मंगलवार को सूरत में निर्विरोध सीट जीतने पर बीजेपी की आलोचना की और इसकी तुलना रूसी लोकतंत्र से की। उन्होंने पुतिन को चुनौती देने वालों की कमी पर प्रकाश डाला और आरोप लगाया कि पीएम मोदी भी लोकतंत्र को कमजोर करते हुए इसी तरह का मॉडल अपना रहे हैं।

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, ‘एक बात, हम बार-बार कहते रहे हैं कि यह लोकतंत्र को खत्म करने का काम है, इसे रूसी शैली का लोकतंत्र कहा जाता है।’ तो वहीं, लोकसभा चुनाव के बीच कांग्रेस ने बीजेपी के खिलाफ 16 शिकायतें लेकर चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया है।

…तो उसे ‘काला पानी’ की सजा मिलती

रूस में हाल ही में हुए चुनावों का हवाला देते हुए, जहां विपक्षी आवाजों को दबा दिया गया था। प्रियंका चतुर्वेदी ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए किसी भी महत्वपूर्ण चुनौती की अनुपस्थिति की ओर इशारा किया, तथा आरोप लगाया कि असहमति जताने वालों को कारावास या इससे भी बदतर सजा का सामना करना पड़ेगा।

शिवसेना नेता ने कहा, ‘कुछ दिन पहले रूस में चुनाव हुए थे और वहां कोई भी उनके खिलाफ खड़ा नहीं था, क्योंकि जो भी उनका विरोध करता है, वह जेल जाता है, उसे ‘काला पानी’ की सजा मिलती है और वह मर जाता है। इस तरह पुतिन 85 प्रतिशत वोट पाकर राष्ट्रपति बन गए। प्रधानमंत्री मोदी भी उसी मॉडल को अपनाने की कोशिश कर रहे हैं।’

लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों को किया जा रहा कमजोर

बता दें कि बीते दिनों मुकेश दलाल ने सूरत लोकसभा सीट पर निर्विरोध जीत दर्ज कर बीजेपी को पहली चुनावी जीत दिलाई। तो वहीं, प्रियंका का कहना है कि सूरत में कांग्रेस पार्टी के मुख्य उम्मीदवार को खारिज करने के साथ कई, उम्मीदवार को भी खारिज कर दिया गया और सभी स्वतंत्र उम्मीदवारों ने अपने पर्चे वापस ले लिए। उन्होंने तर्क दिया कि इस तरह की हरकतें लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों को कमजोर करती हैं।

चुनाव आयोग ने कांग्रेस उम्मीदवार नीलेश कुंभानी का नामांकन पत्र कथित तौर पर ‘गवाह के रूप में हस्ताक्षर करने वाले लोगों के फर्जी हस्ताक्षर’ के आधार पर रद्द कर दिया था। इसके बाद, बीजेपी उम्मीदवार मुकेश दलाल सूरत लोकसभा क्षेत्र से ‘निर्विरोध’ निर्वाचित हुए, क्योंकि निर्दलीय और छोटे दलों के उम्मीदवारों सहित अन्य सभी उम्मीदवारों ने भी अंतिम दिन अपने नामांकन पत्र वापस ले लिए थे। बता दें कि गुजरात में 26 सीटों के लिए 7 मई को लोकसभा चुनाव होंगे। मतों की गिनती 4 जून को होगी।

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