दलित और OBC मतदाता किसका बनेंगे सहारा

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देश के प्रधान मंत्री जहा अपने रूस दौरे को लेकर चर्चा में है ,वही राहुल गाँधी पीडतों की आवाज बनकर सुर्खियां बटोर रहे हैं , लोकसभा चुनाव जब से खत्म हुवा है तब से राहुल गाँधी की छवि एक बेहतरीन राजनेतावो में सुमार होने लगी ,राहुल अब नेता प्रतिपक्ष का रोल बखूबी निभा रहे हैं ,संसद सत्र के दौरान राहुल गाँधी जहा मोदी और बीजेपी पर हमलावर रहे ,व्ही अब वे लगातार जनता का दुःख बटाने का काम कर रहे हैं ,बीते दिनों जहा राहुल हाथरस पहुंचकर पीड़ितों से मुलाकात कर उनके दुःख और दर्द को जाना वही अब राहुल अपने असम दौरे को लेकर चर्चा में हैं।राहुल का असम का दौरा क्यों खास है इसी पर हम बात करेंगे ,दरअसल असम इस वक्त भीषण बाढ़ की चपेट में है। यहां के 30 जिलों में भारी बारिश और बाढ़ के चलते 24 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। अब तक 78 लोगों की मौत हो चुकी है। ब्रह्मपुत्र समेत राज्य भर में कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इन सबके बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने फुलेर्तल में बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात किया है ।लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कहा कि वह असम के लोगों के साथ हैं ,और संसद में उनके सिपाही हैं। राहुल ने कहा कि हमने केंद्र सरकार से राज्य को तुरंत हरसंभव सहायता मुहैया कराने का अनुरोध किया है ,,,राहुल गांधी के सिलचर पहुंचने पर मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह ने उनका स्वागत किया। उसके बाद कांग्रेस नेता ने असम में कछार जिले के फुलेर्तल में एक बाढ़ राहत शिविर का दौरा किया। उसके बाद सोशल मीडिया एक्स पर राहुल ने लिखा कि कहा, ‘मैं असम के लोगों के साथ हूं, मैं संसद में उनका सिपाही हूं और मैं केंद्र सरकार से राज्य को तुरंत हरसंभव मदद मुहैया कराने का अनुरोध करता हूं।राहुल ने आगे कहा कि असम को कम समय में राहत, पुनर्वास और मुआवजे की आवश्यकता है तथा दीर्घावधि में बाढ़ पर नियंत्रण पाने के लिए पूरे पूर्वोत्तर का एक जल प्रबंधन प्राधिकरण चाहिए। उन्होंने कहा कि असम में बाढ़ से मची तबाही ने दिल चीर कर रख दिया है। बाढ़ ने आठ वर्षीय अविनाश जैसे मासूम बच्चे को हमसे छीन लिया है। पूरे राज्य में सभी शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं,,राहुल ने कहा कि असम कांग्रेस के नेताओं ने उन्हें जमीनी स्थिति से अवगत कराया है कि 24 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। 53,000 तथा उससे अधिक लोग विस्थापित हो गए हैं और 60 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। उन्होंने कहा कि यह संख्या भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार के घोर और गंभीर कुप्रबंधन को दर्शाती है ,जो बाढ़ मुक्त असम के वादे के साथ सत्ता में आई थी।

कांग्रेस नेता ने पड़ोसी मणिपुर में हिंसा के बाद कछार जिले के थालैन में विस्थापित राज्य के लोगों के एक शिविर का भी दौरा किया और उनसे बातचीत की।कुल मिलकर राहुल गाँधी लोकसभा चुनाव में मिली सफलता के बाद लगातर जनता के बीच में बने हुए हैं ,अगर इसी तरीके से राहुल जनता का रुख करते रहे तो बीजेपी बैकफुट पर जा सकती हैं और आने वाले केंद्र और राज्य के चुनाव में बीजेपी को भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता हैं ,वैसे राहुल के लगातार जनसम्पर्क को लेकर आपकी क्या राय हैं

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