मन की शक्ति ने तन की लाचारी को हराया,दिव्यांग बना प्रथम प्रयास में आई ए एस

राहों में चाहे कितने भी कांटे हों. मुश्किलें चाहे जितनी भी हों. समस्याएं चाहे कितनी जटिल क्यों ना हो. लेकिन अगर एक बार इंसान ने मन बना लिया तो उसे कोई नहीं डिगा सकता. मैनपुरी में कुछ ऐसा ही देखने को मिला.

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मैनपुरी जनपद के कुरावली तहसील के मोहल्ला घरनाजपुर निवासी राजेश तिवारी के दिव्यांग पुत्र सूरज तिवारी ने यूपीएससी परीक्षा में 971वीं रैंक पाकर मैनपुरी जनपद का नाम रोशन किया हैं. सूरज पर पूरे देश को गर्व है. पूरे प्रदेश और देश से लोग उनको बधाई दे रहे हैं.  उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है. जैसे ही सूरज के घर वालों को यूपीएससी के रिजल्ट आने की जानकारी मिली सबकी धड़कने तेज हो गई. रिजल्ट देखने के बाद पता चला सूरज ने यह परीक्षा पास कर ली है. इसके बाद पूरे घर में खुशी की लहर दौड़ गई. सूरज के घर पर बधाई देने वालों को तांता लग गया. गांव के लोगों ने पूरे नगर में जमकर मिष्ठान वितरण किया


यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले दिव्यांग सूरज तिवारी की प्रारंभिक शिक्षा नगर के महर्षि परशुराम स्कूल में हुई. उन्होंने वर्ष 2011 में हाईस्कूल परीक्षा एसबीआरएल इंटर कॉलेज मैनपुरी से तथा 2014 मे इंटरमीडिएट परीक्षा संपूर्णानंद इंटर कॉलेज अरम सराय बेवर से उत्तीर्ण की. इसके बाद जब वो बीएससी कर रहे थे तभी 24 जनवरी 2017 को दादरी गाजियाबाद में हुई एक ट्रेन दुर्घटना में घुटनों से दोनों पैर तथा कोहनी दाया हाथ व बाएं हाथ की दो उंगलियां गवा बैठे थे.
सूरज तिवारी के पिता राजेश तिवारी पेशे से टेलर हैं.  उनके पिता सिलाई कर परिवार का भरण पोषण करते हैं. बेहद तंगी के बावजूद भी राजेश तिवारी ने अपने बेटे की इच्छा अनुसार उसे प्रेरित करते हुए व्यवधान नहीं आने दिया और उसका हौसला बनाए रखा. जिसका परिणाम आज सूरज ने यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण की …

REPORT BY-आयुष सिंह

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