छोटे कद का वो बादशाह जिसने ब्रिटिश के छक्के छुड़ा दिए

हम बात कर रहे है ,मैसूर के राजा टीपू सुल्तान की जिन्होंने अपने बादशाहत के दम पर ब्रिटिश के नाक में दम कर दिया था। टीपू सुल्तान की तलवार दक्षिण भारत के मैसूर रियासत पर राज करती थी , लेकिन आज इसी तलवार की नीलामी हो चुकी है जी हां यही नहीं इस तलवार को तय की गयी कीमत से ज्यादा में ख़रीदा गया है..

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आश्चर्य की बात लेकिन इससे भी ज्यादा आश्चर्य की बात ये है की इस तलवार का भगौड़े विजय माल्या से एक खास कनेक्शन है , हुई ना हैरानी तो चलिए आपको इस कनेक्शन के बारे में बताते है ,आपको बता दे की इतिहास के पन्नो में मशहूर टीपू सुल्तान की इस तलवार को बैड चेम्बर में बोन हमस ने लंदन में नीलाम किया है यह नीलामी मंगलवार को की गयी। इस तलवार को 17.4 मिलियन डॉलर यानि की 145 करोड़ में बेचा गया है।

खरीदने वाले ने उससे सात गुना अधिक कीमत लगाकर ख़रीदा है , बोन हमस की तरफ से कहा गया है की यह एक इस्लामिक और भारतीय वस्तु के लिए नीलामी में एक रिकॉर्ड है , अब बात करते है इस तलवार के विजय माल्या से कनेक्शन की , तो आपको बता दे की इस तलवार को विजय माल्या ने 2004 में ख़रीदा था ,उस वक्त माल्या ने इस तलवार को डेढ़ करोड़ में ख़रीदा था

अब करीब उन्नीस साल बाद इस तलवार की नीलामी की गयी , जिसे की अब 145 करोड़ में बेचा गया। 2016 में विजय माल्या के ग्लोबल एसिट पर फ्रिज आर्डर जारी करने के खिलाफ तेरह भारतीय बैंको के यूनियन ने लंदन हाईकोर्ट को मनाने का प्रयास किया था , इस मामले के बाद में माल्या ने कोर्ट में यह कहा था की यह तलवार उसके परिवार के लिए बैडलक लेकर आयी है , इसलिए उसने वह तलवार दे दी है , आपको बता दे की जो तलवार बिकी है उसे सन 1799 में ब्रिटिश सैनिक लूटकर ले गए थे , एक मीटर लम्बी तलवार पर सोने की लिखावट है , टीपू सुल्तान जिन्हे मैसूर के टाइगर के नाम से भी जानते थे , उन्होंने इसी तलवार से ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ कई लड़ाईया लड़ी थी।

इस तलवार को मुग़ल तलवार बाजो ने तैयार किया था ,इसे सोने की तलवार के तौर पे भी जाना जाता है। ईस्ट इंडिया कंपनी ने जब टीपू सुल्तान की सेना को हराया तो उनके श्री रंगपत्न वाले महल से इसे लूट लिया गया था, युद्ध में टीपू की मौत हो गयी थी। तलवार को विजयी ब्रिटिश सेना के मेजर जनरल डेविड बेयर्डस को एक विनिंग ट्रॉफी के तौर पर तोफे के तौर पर दे दी गयी थी। यह तलवार ब्रिटिश सैनिको के साहस और युद्ध में उनके आचरण और सम्मान के प्रतीक के तौर पे दी गयी थी। मेजर जनरल डेविड बेयर्डस ने ही सेना को उस युद्ध का आर्डर दिया था , जिसमे उन्होंने टीपू सुल्तान के महल पर हमला बोला था। साल 2003 तक यह तलवार बेयर्डस के एक परिवार के पास थी , इसके बाद इसे लंदन में डिक्स नूनन वैब में एक लाख पचास हजार पाउण्ड में नीलाम किया गया। साल 2004 में विजय माल्या ने इसे ख़रीदा मगर साल 2016 में उन्होंने इस तलवार को वापस कर दिया।
REPORT BY – आयुष सिंह

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