देखिये किस म्यूजियम में रखा गया है दुनिया का सबसे बड़ा खजाना

पिछले दो हजार वर्षो से लेकर ब्रिटिश काल तक के अलग अलग राज्यों के सिक्के यहाँ पर सहेज कर रखे गए है , सोने,चांदी सहित तमाम अन्य प्रकार के जो सिक्के है उनका जो जखीरा है लगभग डेढ़ लाख सिक्को का है।

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दुनिया में किसी भी संग्रहालय के पास बेस कीमती ऐतिहासिक सिक्को का इतना बड़ा खजाना नहीं है , राज्य संग्रहालय लखनऊ में रखी मिश्र की ममी यहाँ के आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र है , यहाँ पर जो ममी रखी है वो तेरह वर्ष की किसी लड़की की है। इसकी आयु तीन हजार वर्ष अनुमानित है।

अपने अतीत को आखो से देखने की ललक ही है की दुनिया भर के देशो में संग्रहालय बनाये गए है। कई देश तो ऐसे है जहा संग्रहालय की संख्या सैकड़ो में नहीं बल्कि हजारो में है। अकेले भारत में ही हजार से ज्यादा संग्रहालय है , यूनेस्को रिपोर्ट 2021 के अनुसार दुनिया में कुल संग्रहालय की संख्या है वह एक लाख चार हजार तक पहुंच चुकी है। इसके महत्व को देखते हुए ही 18 मई को विश्व संग्रहालय दिवस के रूप में मनाया जाता है। दुनिया के 37000 संग्रहालय ने मिलकर 2022 में वर्ल्ड म्यूजियम डे पर प्रतिभाग किया था , इस बार इनकी संख्या और भी बढ़ने जा रही है। नई दिल्ली स्थित प्रगति मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल म्यूजियम एक्सपो का उद्घाटन करने जा रहे है। जहा भारत का पहला संग्रहालय और उत्तरप्रदेश राज्य का पहला संग्रहालय देश और विदेश के तमाम संग्राहलय हिस्सा ले रहे है। आपको इस मुहीम से जोड़ते हुए उत्तरप्रदेश के सबसे पुराने संग्रहालय के बारे में बताऊंगा।

उत्तरप्रदेश का सबसे पुराना संग्रहालय है लखनऊ स्थित राज्य संग्रहालय, यह मौजूदा समय में लखनऊ के चिड़ियाघर में स्थित है और इसके निदेशक है आनंद कुमार यह स्थापित किया गया था 1863 में तब से लेकर लगातार इस संग्रहालय का विकास जारी है। इसकी स्थापना की थी कर्नल एबो्र्ट ने वही कर्नल एबोर्ट जिसके नाम से पाकिस्तान में एक शहर भी है एबो्र्टाबाद इसकी मैनेजिंग कमेटी में कांग्रेस के फाउंडर ए ओ ह्यूम थे। ब्रिटिश काल तक के अलग अलग राज्यों की सिक्के थे वह यह पर सहेज के रखे गए है सोने चांदी सहित तमाम अन्य धातुओ के जो यह सिक्के है उनका जो जखीरा है वह देश के किसी भी संग्रहालय के पास नहीं है। यहाँ पर आपको ब्रिटिश काल तक की तोपे और बंदूके देखने को मिलेंगी , यहाँ पर आपको छ इंच से लेकर डेढ़ फुट तक की पिस्तौल देखने को मिलेगी। वाराणसी का ही एक और म्यूजियम है भारत कला भवन जो कि बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी कैंपस के अंदर है टाइम पीरियड के हिसाब से यह पर कला संस्कृति स्थापत्य के हिसाब से अच्छा संग्रह तैयार किया गया है। उत्तरप्रदेश में देखा जाये तो लगभग सत्ताशी संग्रहालय है .

REPORT BYआयुष सिंह

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