उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। हरिद्वार जिले को छोड़कर, बाकी सभी जिलों में 8 से 10 मई के बीच चुनाव कराए जाने की संभावना है। चुनाव की अधिसूचना 17 से 20 अप्रैल के बीच जारी हो सकती है, और इसके बाद चुनावी प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जाएगा। सरकार इस संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रही है, जिसमें चुनाव कार्यक्रम, सुरक्षा व्यवस्था, और अन्य जरूरी तैयारियों पर चर्चा होगी।
चुनाव से पहले ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, और जिला पंचायत के कार्यकाल के समाप्त होने के बाद, सरकार ने निवर्तमान प्रधानों और जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक नियुक्त किया है। इन प्रशासकों का कार्यकाल सीमित समय के लिए है। जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल 1 जून और ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 10 जून को समाप्त होगा, जिसके बाद सरकार चुनाव प्रक्रिया को मई में पूरा करने की योजना बना रही है।
पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों के अनुसार, चुनावी अधिसूचना के साथ ही आरक्षण की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी। इस प्रक्रिया में पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, और महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित की जाएंगी, ताकि उम्मीदवारों को तैयारियों में कोई दिक्कत न हो।
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हरिद्वार जिले में इस बार पंचायत चुनाव नहीं होंगे, क्योंकि यहां अलग निर्वाचन प्रक्रिया है। यहां चुनाव बाद में कराए जाएंगे। चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील मतदान केंद्रों पर सुरक्षा बढ़ाई जाएगी, ताकि चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके।
सारांश में, अप्रैल के तीसरे सप्ताह में अधिसूचना जारी होने के बाद, 8 से 10 मई के बीच मतदान हो सकता है। पंचायतों में आरक्षण और अन्य जरूरी तैयारियां भी चुनाव से पहले पूरी कर ली जाएंगी।