जानिये उत्तराखंड लव जेहाद का केंद्र कैसे बना ,साल भर में आया इतना केस

हिंदुस्तान का वह भूभाग जिसको की उसके समृद्ध इतिहास तथा देवतावों का अतिप्रिय क्षेत्र होने व प्राचीन ऋषियों की तपोस्थली के कारण देव भूमि कहा गया है….. आसमान से बाते करते पर्वत शिखर और शून्य का आभास करने वाली गहरी घाटियों के बीच बहती मंदाकनी की धारा इस क्षेत्र को स्वर्ग बनाती है.

ALSO READ Basti : यूपी में रिश्‍ते शर्मसार!, चाकू की नोंक पर बेटी से दुष्कर्म 

सदियों से सहेजें गौरवशाली इतिहास का अनुसरण करने वाले यहाँ के सीधे व सरल लोग बर्बस ही संसार का ध्यान अपनी और खींचते है. पिछले दो दशकों से इस क्षे त्र को कुछ धर्मान्ध लोगो की नजर लग गयी है. वजह बना है लव जेहाद. उत्तराखंड में इस साल अभी तक लव जिहाद के 53 से अधिक मामले रजिस्टर्ड किए जा चुके हैं.इन मामलों में मुस्लिम लड़कों पर हिंदू लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाने और फिर ब्लैकमेल करने का आरोप लगा है.कई मामलों में इसकी पुष्टि भी हो चुकी है. और सबसे अधिक चिंता का कारण बना नाबालिक लड़कियों को भगाकर ले जाना. शुरूआती मामला 26 मई को पुरोला में सामने आया, जब दो मुस्लिम युवक एक नाबालिग लड़की को भगाकर ले जाते हुए पकड़े गए. स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया नतीजा दोनों लड़कों को जेल भेज दिया गया.

इसके बाद दूसरा मामला एक जून को चकराता से सामने आया. यहां पडोसी राज्य हिमाचल से भगाकर लाई गई नाबालिग लड़की के साथ दो मुस्लिम युवक गिरप्तार किए गए. छह जून को तीसरा मामला चमोली के गौचर से सामने आया. यहां नाबालिक लड़की को बहला फुसलाकर होटल में ले जा रहे दो मुस्लिम युवक धरे गए. आठ जून को एक बार फिर विकासनगर के त्यूणी में नवाब उर्फ गुडडू नामक का एक मुस्लिम युवक धरा गया.नवाब उत्तरकाशी के मोरी से 14 और 16 साल की दो नाबालिग बहनों को प्रेमजाल में फंसाकर मुज्जफरनगर ले जाने की फिराक में था……. आठ जून को ही रामनगर में भी ऐसा ही मामला सामने आया एक नाबालिग को बहला फुसलाकर जे जाने के मामले में एक मुस्लिम युवक पकड़ा गया, उसे भी पुलिस ने पोक्सो एक्ट के तहत गिरप्तार कर जेल भेज दिया……. ये सिर्फ नाबालिग लड़कियों के मामले हैं. … इसके बाद अगर उत्तराखंड में लव जेहाद के मामलों की बात की जाये तो इसकी संख्या बहुत है ….. सवाल उठता है कि अचानक से उत्तराखंड में लव जेहाद के मामलों की बाढ़ कैंसे आ गई.

दरसल उत्तराखंड में नंवबर 2022 में धर्म स्वतंत्रता कानून पर कैबिनेट की मुहर लगते ही इसकी सुगबुगाहट शुरू हो गई थी. धर्मांतरण को लेकर हिंदूवादी संगठन मुखर होने लगे थे. अतिक्रमण हटाओ अभियान भी अहम रोल बना. वन विभाग ने वन भूमि पर बनाए गए अवैध मजारों को हटाने के लिए अभियान शुरू किया और करीब दो महीने के भीतर ही साढ़े चार सौ ऐसी मजारों को ध्वस्त कर दिया गया, जो फॉरेस्ट लैंड पर अतिक्रमण कर बनाई गई थी.अभी तक साढे चार सौ से अधिक मजारों को ध्वस्त कर दिया गया.उत्तराखंड में पहली बार मजारों की इतनी बड़ी संख्या को देखकर लोगों के कान खड़े हो गए. सवाल उठने लगा देवभूमि में ये मजारें आखिर बनाई किसने ? इतने बडे़ पैमाने पर मजारें कैंसे बन गई ? इन तमाम बातों से धीरे-धीरे माहौल बनने लगा और फिर मामला लव जेहाद तक आ पहुंचा. हिंदूवादी संगठनों को जहां भी हिंदू मुस्लिम का आउट पुट मिला, मामले ने तूल पकड़ लिया. कई मामलों में धर्मांतरण कानून के तहत कार्रवाई भी हो चुकी है.लेकिन, मामला अब सांप्रदायिक रंग लेने लगा है.

डोईवाला में लव जेहाद के एक मामले ने उत्तराखंड में और आग लगा दी दरसल डोईवाला में लव जेहाद में युवती ने बताया कि आरोपी अरमान अंसारी उसकी सहेली तमन्ना का भाई है। तमन्ना ने ही उसकी मुलाकात अरमान से करवाई थी। इसके बाद अरमान उससे मिलने स्कूल और उसके घर आने लगा था। आरोप है कि अरमान उस पर शारीरिक संबंध बनाने और धर्म परिवर्तन करने का दबाव डालता था।विरोध करने पर उसके साथ मारपीट करता और उसके घर आकर झगड़ा करने और बदनाम करने की धमकी देता था। अरमान की मां और बहन तमन्ना भी उसे डरा धमकाकर उस पर धर्म परिवर्तन करने और अरमान से निकाह करने का दबाव बनाते थे।इस पूरे मामले पर एक फिर हिन्दू गुट और मुस्लिम गुट सामने आगये थे और जमकर बवाल हुवा।

हिंदूवादी संगठन, स्थानीय व्यापारी और प्रतिनिधि लगातार समुदाय विशेष के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं. लोगों का कहना है कि समुदाय विशेष के लोग कारोबार आदि के नाम पर पहाड़ों में अपनी जड़े जमा रहे हैं और इसकी आड़ में लव जेहाद, लैंड जेहाद जैंसे मामलों केा अंजाम दे रहे हैं. ऐसे में अब ये मामला पूरे उत्तराखंड में तूल पकड़ता जा रहा है खबर है कि इस मामले को लेकर आगामी 15 जून को हिन्दू पक्ष और 18 जून को मुस्लिम पक्ष की तरफ से महापंचायत होने जा रही है हालांकि इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन पूरे देश की नजर दोनों पंचायतों पर टिकी हुई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुस्लिम महापंचायत के सिलसिले में मीडिया से बातचीत के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कहा है,उन्होंने कहा कि अगर कोई भी कानून व्यवस्था बिगाड़ने का काम करेगा तो उसके खिलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी।

वहीं उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक प्रीतम सिंह ने इस मामले में सरकार को विफल बताते हुए कहा है कि जो कुछ भी हो रहा है यह सरकार की विफलता की वजह से हो रहा है अगर कोई आदमी नाम बदलकर रह रहा है या फिर बिना जानकारी के रह रहा है तो ऐसे में शासन और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह उन लोगों को चिन्हित करें और उनके ऊपर कार्यवाही करें और प्रदेश में सत्यापन किया जाना चाहये उन्होंने कहा कि जो जिमेदारी पुलिस और प्रशासन की है उसे बजरंग दल के लोग कर रहे हैं जो कि प्रदेश में आग लगाने का काम किया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *