डूम्सडे–वॉल्ट लॉकर ,जिसे कब तक संभाल कर रखा जायेगा?

एक ऐसा लॉकर जो बर्फ की चादर से ढका हुआ हैं, यह एक मात्र ऐसी तिजोरी हैं जिसका ताला तब खुलेगा जब दुनिया खत्म होने लगे, इस तिजोरी को ’कयामत के दिन वाली तिजोरी‘ भी कहा जाता हैं,यह तिजोरी नॉर्वे में हैं और इस तिजोरी के दावेदार 100 देश हैं.

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बात 65 मिलियन वर्ष पहले की हैं जब दुनिया से डायनासोर की समाप्ति हों चुकी थी ,और आखिरी प्रलय आया था । वैज्ञानिक डरे हुए है कि जल्द ही प्रलय आएगा और दुनिया में भारीं तबाही मचाएगा जिसमें पेड़, पौधे, बैक्टीरिया और अन्य जीव भी खत्म हो जाएंगे , मौसम भी बदल जायेगा और उस समय दुनिया को चलाने के लिए हमे कुछ न कुछ तो चाहिए होगा ,जिसमे सबसे पहले अनाज आता है,,डूम्सडे–वॉल्ट में अनाज की लाखों तरह की किस्में रखी हुई हैं।


इसके और भी नाम हैं जिसमे एक नाम ग्लोबल सीड वॉल्ट भी कहा जाता हैं इसे स्पिट्सबर्गन आइलैंड में रखा गया है क्योंकि यह जगह हमेशा ठंडी रहती हैं और यहां अनाज के सीड्स सुरक्षित रहेंगे।


इसे 2008 में बनाया गया था और इसमें 100 देश शामिल हुए , हर देश को अपने बीज को सुरक्षित रखने के लिए एक शुल्क देना पड़ता हैं और नॉर्वे के सरकार से एक एग्रीमेंट साइन करवाना पड़ता है । और अगर कोई देश अपने बीज को वापस लेना चाहता है तो वो वापस ले सकता हैं। लेकिन इसके लिए भी शर्ते रखी गई हैं कि कोई भी देश जब चाहें तब उसे मांग नहीं सकता हैं, जब हालत एकदम विपरीत हो , खेती बाड़ी खत्म हो गई हो , युद्ध हुआ हो ,कुदरती आपदा आई हो तब आप बीज को वापस मांग सकते हैं।


जिस तरह से ग्लोबल वार्मिंग बढ़ रही है उसको देखते हुए इस लॉकर का होना बेहद जरूरी हैं।

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