अनादि विशेष : जेब काटते स्कूल लुटते अभिभावक

मध्यप्रदेश में स्कूलों की मनमानी जारी है… मनमानी फीस वसूली जा रही है… दुकानों से स्कूलों का कमीशन तय है… इसलिए किस दुकान से किताब खरीदना है.. यह भी स्कूल बता देते हैं… एक तरफ स्कूली स्टेशनरी और किताबों का अनाप-शनाप खर्च… बच्चों की ट्रांसपोर्टिंग का खर्च… और दूसरी तरफ स्कूल की फीस में बेतहाशा वृद्धि… महंगाई के इस दौर में स्कूलों की फीस पेरेंट्स का बजट बिगाड़ चुकी है…

ALSO READ-बांध के पानी में डूब जाएंगी जमीनें, ग्रामीणों ने किया बांध बनाने का विरोध

परिवार की सालाना आमदनी का 25% तक स्कूलों में जा रहा है… महंगी शिक्षा के कारण मध्यम वर्ग की कमर टूट चुकी है… आमदनी भले ना बढ़े लेकिन स्कूल की फीस हमेशा बढ़ती रहती है… नियम कहता है कि साल में एक बार 10% से ज्यादा स्कूल की फीस नहीं बढ़ाई जा सकती…

इसके लिए भी पहले फीस नियामक समिति को सूचित करना पड़ता है… समिति के अनुमोदन के बाद ही फीस बढ़ाई जा सकती है… लेकिन निजी स्कूल समिति को सूचना देना भी मुनासिब नहीं समझते…और 50% तक फीस बढ़ा देते हैं… स्कूलों की इस मनमानी पर लगाम कैसे लगेगी… यह जानने की कोशिश करेंगे… लेकिन पहले देखिए यह रिपोर्ट…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *