Hathras Accident: बाबा नारायण साकार हरी के वकील की एंट्री! दी साजिश की दलील!

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हाथरस में बाबा के दरबार में हुई भगदड़ के बाद मौतों का आंकड़ा सैकड़ा पार कर गया, हाथरस वैसे तो उत्तर भारत के बृज क्षेत्र के अंतर्गत आता है और अलीगढ़ के एक हिस्से के रूप में अपनी औद्योगिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए प्रसिद्ध है, ऐतिहासिक रूप से और पुराणों के अनुसार, हाथरस महाभारत काल का हो सकता है। ब्रिटिश राज के दौरान हाथरस एक औद्योगिक केंद्र था, लेकिन इस समय पुलिस छावनी में तब्दील यह जनपद इतिहास की ऐसी तारीख में दर्ज हो गया है जहां भारत के इतिहास में किसी सत्संग जैसे कार्यक्रमों में इतनी बड़ी मौत की संख्या सामने आई हो।

सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ घटना के बाद से मौके पर डटे रहे, घटना की जांच के निर्देश दिए, मृतकों के लिए सहायता राशि का ऐलान किया, घायलों का हाल जाना, मीडिया के ज्वलंत सवालो का जवाब भी देने से पीछे नहीं हटे, घटना पर हो रही राजनीति पर भी कटाक्ष किया और सपा मुखिया अखिलेश यादव को इशारों इशारों में आड़े हाथ भी लिया, इन सब के बीच एक बात जरूर सामने आती रही कि इस पूरे मामले में बाबा शिवहरी की चुप्पी कई सवाल खड़े करती रही, इतनी हृदय विदारक घटना के बाद भी बाबा की तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आ रही थी।

देर शाम, सोशल मीडिया के गलियारों में आंग्ल भाषा में लिखा एक पत्र वायरल होना शुरू हुआ, जिसमें उल्लिखित दावों की माने तो उसमें यह टंकित किया गया कि हादसे पर दुख जाहिर करते हुए दावा किया गया असामाजिक तत्वों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, इस पत्र में नारायण साकार हरि के हस्ताक्षर भी रहे, इस पत्र को बजरिए सुप्रीम कोर्ट के विद्वान अधिवक्ता डॉ० ए०पी० सिंह द्वारा प्रस्तुत किया गया।

तमाम लोगो के मन में जिज्ञासा हुई कि आखिर ये अधिवक्ता कौन है जिन्होंने इस प्रकार का दावा जारी किया तो हम आपको बता दे कि ये वही एपी सिंह हैं, जिन्होंने निर्भया मामले में आरोपियों का केस लड़ा था और इन आरोपियों को कोर्ट ने दोषी पाया था, मौजूदा समय में एपी सिंह पाकिस्तानी महिला सीमा हैदर का केस लड़ रहे हैं।

अधिवक्ता एपी सिंह, सुप्रीम कोर्ट

अब हाथरस मामले को लेकर बाबा साकार हरि के नामित अधिवक्ता एपी सिंह की प्रतिक्रिया भी सामने आई है, वीडियो बयान जारी करते हुए अधिवक्ता ने कहा कि ” नारायण साकार हरि ने हाथरस में घटित घटना को लेकर दुःख व्यक्त किया है, उन्होंने कहा कि घटना के पूर्व ही वह सभा स्थल छोड़ चुके थे, कुछ एंटी सोशल एलिमेंट्स ने सोची समझी साजिश और के तहत जब नारायण साकार हरि मंच से प्रवचन के बाद चले गए उसके बाद एक साजिश के तहत सड़क पर जो भगदड़ मचाई गई है, उसकी जांच हो रही है, हम उत्तर प्रदेश पुलिस की जांच एसआईटी जांच सरकार पर पूरा तरह से धन्यवाद करते हैं कि वह अच्छी तरह से जांच करें।

बाबा के अधिवक्ता ने आगे कहा कि हाईकोर्ट की निगरानी में हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस की निगरानी में जो जांच हो उसमें भी हमें बहुत भरोसा है और इसके साथ-साथ पूरी संवेदना है और जो भी फॉलोअर हैं जो भी अनुयायी है जहां जहां से जिस तरह से की कोई लावारिस लाश ना रह जाए,अंतिम संस्कार के क्रिया की पूरी हो, कोई चोटिल दवा के अभाव में अस्पताल के भाव में पैसे के अभाव में न रह जाए इसके लिए सभी सेवादार पूरी तरह से संलग्न है, लगे हुए हैं और वह कार्य कर रहे हैं इसी के लिए नारायण साकार ने अपनी संवेदना व्यक्त की है।

अधिवक्ता ए०पी० सिंह ने कहा कि आगे की जो प्रक्रिया होगी उसमें आगे सहयोग होगा, हर तरह से होगा। घटना दुखद है बहुत ही बहुत ही दुखद है इसके शब्द व्यक्त नहीं किया जा सकते हैं लेकिन फिर भी धैर्य रखना है सबको और जांच के बाद कड़ी सजा मिले जो भी दोषी है इसमें उनका दंड मिले लेकिन जांच के साथ-साथ इसमें पारदर्शिता होनी चाहिए।

नारायण साकार हरि के जीवन में लोग कहते है, कि भक्त पीछे भागे? उनके यहां कभी पैर छूने की प्रथा नहीं है, उनके यहां कभी चंदा दान पत्र डोनेशन की कोई व्यवस्था नहीं है वह नारायण साकार हरि पास कोई तक कोई मोबाइल फोन नहीं रखते कोई सोशल साइट्स नहीं है उनकी कोई यूट्यूब चैनल नहीं है कोई पत्रिका नहीं निकलती है कोई फेसबुक पेज इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप ग्रुप कभी कुछ नारायण साकार हरि जी का नहीं रहा है, उनका सुचिता का जीवन है इसलिए संवेदना है।

बाबा पर लग रहे तमाम आरोपों पर उन्होंने कहा कि हमें सब पर भरोसा रखना है इस आधार पर लेकिन कोई भी आगे कानूनी कार्रवाई होगी वह हम लोग करेंगे और नारायण साकार हरि ने सदैव स्वच्छता का जीवन किया है। सनातन धर्म की वजह से उन्हें सनातन धर्म के प्रवर्तक है इसलिए उनके साथ ऐसा कुछ लोग कर रहे हैं और उनके जो भी अनुयाई हैं वह पूरी तरह से व्यवस्थाओं में लगे हुए है।

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