उत्तर प्रदेश सरकार ने गरीबों को राशन पहुंचाने की प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल बना दिया है, जिससे पारदर्शिता और भ्रष्टाचार में कमी आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में खाद्य एवं रसद विभाग ने कई तकनीकी पहल की हैं, जिनसे 1.15 करोड़ से ज्यादा राशन कार्डधारकों को सीधे लाभ मिल रहा है।
ई-केवाईसी और आधार सत्यापन प्रणाली
सरकार ने राशन वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ई-केवाईसी और आधार सत्यापन प्रणाली लागू की है। अब राशन कार्डधारक किसी भी उचित दर की दुकान पर ई-केवाईसी करवा सकते हैं। मार्च 2025 तक 77.37% लाभार्थियों ने अपनी ई-केवाईसी पूरी कर ली है, और 10.02 लाख राशन कार्डधारकों ने दूसरे राज्यों में भी अपनी ई-केवाईसी करवाई है।
ई-पॉस मशीनों से घोटाले पर काबू
सरकार ने राशन वितरण में ई-पॉस (इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ़ सेल) मशीनों को अनिवार्य कर दिया है, जिससे बिचौलियों और फर्जी राशन कार्डधारकों पर रोक लगी है। अब जरूरतमंदों को उनका हक का राशन सीधे मिल रहा है, और हर पात्र परिवार को राशन पारदर्शी तरीके से मिल रहा है।
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अन्नपूर्णा भवन से नई शुरुआत
योगी सरकार राशन वितरण को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए ‘अन्नपूर्णा भवन’ बना रही है। अब तक 3,534 अन्नपूर्णा भवन तैयार हो चुके हैं और 2,000 भवनों का निर्माण जारी है। अगले वित्तीय वर्ष में इस योजना के लिए 200 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
अन्नपूर्णा भवन में मिलेंगी कई सुविधाएं
अन्नपूर्णा भवन सिर्फ राशन वितरण केंद्र नहीं होंगे, बल्कि यहां विभिन्न जनसुविधाएं भी उपलब्ध होंगी, जैसे:
- जनरल स्टोर और सस्ती जेनरिक दवाएं
- सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) से आधार कार्ड, जाति प्रमाणपत्र, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, और बिजली बिल भुगतान की सुविधा
- इंटरनेट और ब्रॉडबैंड सेवाएं
विपक्ष का आरोप: कई गरीब राशन से वंचित
हालांकि, विपक्षी दलों ने सरकार के दावों पर सवाल उठाए हैं। समाजवादी पार्टी का कहना है कि पारदर्शिता के बावजूद अभी भी हजारों गरीब परिवार राशन से वंचित हैं। उनका दावा है कि कई जगहों पर राशन की चोरी जारी है और जरूरतमंदों को पूरा राशन नहीं मिल पा रहा है।
सरकार का लक्ष्य: 100% ई-केवाईसी और हर गरीब तक राशन
सरकार ने डिजिटल सुधारों से राशन वितरण में पारदर्शिता तो बढ़ाई है, लेकिन असल चुनौती यह है कि यह सुधार हर जरूरतमंद तक पहुंचे। सरकार का लक्ष्य है कि जल्द ही 100% लाभार्थियों की ई-केवाईसी पूरी हो और कोई भी गरीब राशन से वंचित न रहे।