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Monsoon Session In Parliament: कई मुद्दों को लेकर सरकार और विपक्ष में हुई बहस

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Monsoon Session 2021

नई दिल्ली (New Delhi), भारत: देशभर में एक तरफ जहां कोरोना वायरस (Corona Virus) की दूसरी लहर के मामले कम होने लगे है वही आज से संसद का मानसून सत्र शुरू हो गया है जिस दौरान संसद में कार्यवाही शुरू होते ही कोरोना समेत महंगाई और चीन से जुड़े मामले को लेकर बहस के साथ हंगामा शुरू हो गया। जहां हंगामे के बाद राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12:24 तक के लिए और लोकसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में दिया ये संबोधन
इसे लेकर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के दौरान संबोधन करते हुए खुशी की बात है कि कई दलित भाई मंत्री बने हैं। हमारे कई मंत्री ग्रामीण परिवेश से है, लेकिन कुछ लोगों को ये रास नहीं आ रहा है। बताते चले कि, प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन के दौरान हंगामा हो रहा था। बताते चले कि, इस मानसून सत्र के दौरान सरकार
14 नए बिल पेश करने और तीन अध्यादेशों पर संसद की मंजूरी हासिल करने को लेकर तैयारी में है। बताया जा रहा है कि, सरकार आवश्यक रक्षा सेवा अध्यादेश के जरिए सेना के लिए हथियार, गोलाबारूद, वर्दी बनाने वाले आयुध कारखानों में हड़ताल को गैरकानूनी घोषित कर दिया है। इसमें हड़ताल करने वालों के लिए दो साल की सजा का भी प्रावधान है। सरकार का उद्देश्य है कि, मानसून सत्र के दौरान ही अध्यादेशों को मंजूरी मिले।

लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही की स्थगित
इसे लेकर बताते चले कि, आज से शुरू हुए मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही अभिनेता दिलीप कुमार और फ्लाइंग सिख मिल्खा समेत इस साल जान गंवाने वाले सांसदों और प्रसिद्ध हस्तियों को श्रद्धांजलि दी गई। राज्यसभा के पिछले दिनों दिवंगत हुए वर्तमान सदस्य डॉ. रघुनाथ महापात्र एवं राजीव सातव के सम्मान में उच्च सदन की बैठक सोमवार को एक घंटे के लिए दोपहर 12:24 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी। वही इधर लोकसभा में बढ़े हंगामें के बाद लोकसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।

इन मुद्दों को लेकर आपस में भिड़ेगें सरकार और विपक्ष
इसे लेकर बताते चले कि, इस बार संसद में विपक्ष द्वारा कोरोना की दूसरी लहर के दौरान फैली अव्यवस्था, टीकों की कमी, लद्दाख से जुड़े एलएसी पर जारी तनाव, पेट्रोल-डीजल की आसमान छूती कीमतों और राज्यों की नई जनसंख्या नीति जैसे मुद्दों पर हमला करने की तैयारी की गई है तो वही सरकार इन बड़े मुद्दों पर सरकार द्वारा उठ रहे सवालों के जवाब देने और पलटवार करने की तैयारी में है।