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बंडारू दत्तात्रेय बनें हरियाणा के 18वें राज्यपाल, जानें किस राज्यपाल का कितना रहा कार्यकाल

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Haryana Governer

Haryana News: कोरोनावायरस (Corona Virus) महामारी का काल जहां जारी है वहीं दूसरी तरफ राज्यों के राज्यापाल की नियुक्ति की जा रही है। इस बीच ही आज गुरूवार को राज्य के नवनियुक्त राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने 18वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली है। बता दें कि, हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रविशंकर झा ने नए राज्यपाल को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई है। बताते चले कि, बंडारू दत्तात्रेय पहले हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल रह चुके है।

हिमाचल के मुकाबले हरियाणा में है अधिक चुनौतियां
बताते चले कि, हरियाणा में जहां किसान आंदोलन का असर छाया हुआ है वही किसानों और गठबंधन सरकार के बीच टकराव की स्थिति बन रही है। इसके अलावा राज्य में एसवाईएल, नशाखोरी, नशा तस्करी, बढ़ते अपराध और विपक्ष के पक्षपात के आरोप उनके सामने बड़ी चुनौती हैं। जैसे कि उन्होंने पहले हिमाचल प्रदेश की जिम्मेदारी निभाई थी वही अब हरियाणा में उनके लिए बड़ी चुनौतियां सामने आ रही है। बता दें कि, वर्तमान राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय जहां राज्यपाल बनने से पहले बेबाक और भाजपा के खांटी नेता के रूप में जाने जाते रहे हैं। वहीं पूर्व राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य को विपक्ष के आरोपों का सामना करना पड़ा था।

Bandaru Dattatreya

गोवा में भी हुई नए राज्यपाल की नियुक्ति
इसे लेकर बताते चले कि, गोवा राज्य में भी नए राज्यपाल की नियुक्ति हुई है जहां नए राज्यपाल के रूप में मिजोरम के पूर्व राज्यपाल पी.एस. श्रीधरन पिल्लई ने शपथ ली है। बताते चले कि, सादे समारोह में केरल में भारतीय जनता पार्टी इकाई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष पिल्लई को बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता ने पद की शपथ दिलाई। बताते चले कि, वर्तमान समय में गोवा राज्य में एक साल से राज्यपाल का पूर्ण कार्यकाल नहीं चल रहा था। जहां महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी अगस्त 2020 से राज्य का प्रभार संभाल रहे थे।

राज्य में किसका रहा लंबा कार्यकाल
आपको बताते चले कि, हरियाणा के राज्यपाल के रूप में सबसे लंबा कार्यकाल बीएन चक्रवर्ती का रहा, जिन्होंने राज्यपाल के रूप में 15 सितंबर 1967 से 26 मार्च 1976 तक अपनी सेवाएं दी, वहीं कम कार्यकाल के बारें में बात करे तो सबसे कम कार्यकाल ओम प्रकाश वर्मा का रहा है जिन्होंने 2 जुलाई 2004 से 7 जुलाई 2004 तक ही राज्यपाल के पद जिम्मेदारी निभाई है।