लोकसभा चुनाव 2024 में BJP को सभी 80 सीटों पर हराएंगे

पश्चिम बंगाल के कोलकाता में सपा अध्यक्ष अखिलेश ने यादव ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि 2024 के लोकसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश की सभी 80 सीटों पर ‘हार’ जाएगी।

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समाजवादी पार्टी के प्रमुख और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर पश्चिम बंगाल में बड़ा दावा किया है। अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल केकोलकाता में बोलते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी आगामी 2024 के लोकसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश की सभी 80 सीटों पर ‘हार’ जाएगी। इस दौरान अखिलेश ने बीजेपी पर चुनाव से पहले किए गए वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया।सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, भाजपा वालों को जब वोट की जरूरत होती है, तब वे वादे करते हैं। बीते दिनों में लोगों के खर्च और बेरोजगारी बढ़ी है, लेकिन उन्होंने (बीजेपी) चुनाव से पहले किया गया कोई वादा पूरा नहीं किया। तो वहीं, इस बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर से कांग्रेस की आगामी लोकसभा चुनाव की रणनीति पर सवाल खड़ा करते हुए पार्टी को एक सलाह दे डाली। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कांग्रेस पार्टी को सलाह देते हुए कहा, भाजपा को 2024 चुनाव में हराना जरूरी है, इसलिए कांग्रेस और अन्य पार्टियों को अपनी भूमिका तय करनी चाहिए। कांग्रेस को यह फैसला लेना चाहिए कि आगामी चुनाव में उनकी क्या भूमिका होगी।

सपा ने पार्टी के दलित चेहरे पर फोकस करना शुरू किया

अखिलेश यादव ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी के बाद अब अपनी नजरें लोकसभा इलेक्शन 2024 पर गड़ा दी हैं। यूपी में मायावती की कमजोरी का लाभ उठाने की कोशिश में अखिलेश भी हैं। इसको लेकर उन्होंने रणनीतिक तौर पर अपनी तैयारी शुरू कर दी है। अखिलेश अब दलित चेहरों को लाइमलाइट में लाने का प्रयास कर रहे हैं और इसके कई संकेत वो दे चुके हैं। कभी मुलायम सिंह यादव के खास रहे सपा के वरिष्ठ दलित नेता अवधेश प्रसाद को पार्टी का दलित चेहरा बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

विधानसभा में अवधेश प्रसाद को मिली आजम वाली सीट

अखिलेश यादव ने इन दो बड़े संकेतों से पहले भी अवधेश प्रसाद को लेकर एक बड़ा कदम उठाया था। हाल ही में यूपी में सम्पन्न हुए बजट सत्र के दौरान अखिलेश यादव ने अवधेश प्रसासद को आजम वाली सीट पर अपने बगल में जगह दी। उस समय ऐसी अटकलें लगाई गईं थीं कि आजम वाली सीट को वह शिवपाल यादव के लिए अलॉट करवा सकते हैं लेकिन उन्होंने रणनीतिक तौर पर यह कदम उठाया था। सपा के सूत्र बता रहे हैं कि वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव से सलाह के बाद ही अखिलेश ने अवधेश प्रसाद को अपने बगल में उस जगह बैठाया था जहां पहले आजम खान बैठा करते थे।

अयोध्या की मिल्कीपुर सीट से विधायक हैं अवधेश प्रसाद

नौ बार विधायक रहे प्रसाद, जो वर्तमान में अयोध्या के मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, अखिलेश और उनकी टीम के 17 मार्च को लखनऊ से पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भाग लेने के लिए कोलकाता के तीन दिवसीय दौरे के लिए रवाना होने के बाद सुर्खियों में आने लगे। दरअसल 1977 से सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के साथ जुड़े हुए पासी नेता अवधेश प्रसाद, जिन्हें जनवरी में राष्ट्रीय कार्यकारिणी का महासचिव नियुक्त किया गया था, उन्हें अब पार्टी के दलित चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। सपा में उनके बढ़ते कद को अखिलेश द्वारा यह संदेश देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

परिवार की लड़ाई में भी दिया था अखिलेश यादव का साथ

पार्टी की स्थापना के समय से ही कट्टर मुलायम के वफादार होने के बावजूद, वह उन चुनिंदा दिग्गजों में से एक थे जिन्होंने 2017 के विधानसभा चुनावों में यादव परिवार के वर्चस्व की लड़ाई के दौरान अखिलेश का पक्ष लिया था। इसी दौरान अखिलेश को 2017 के चुनावों के लिए अमेठी के जगदीशपुर विधानसभा क्षेत्र से अवधेश के बेटे अजीत प्रसाद के लिए सपा का टिकट मिला, जिसे बाद में कथित तौर पर शिवपाल के इशारे पर मुलायम ने रद्द कर दिया था।

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